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• सी एम. साइंस कॉलेज में आयोजित हुई स्नातक पांचवें सेमेस्टर के इंटरंशिप की कार्यशाला 

• सी एम. साइंस कॉलेज में आयोजित हुई स्नातक पांचवें सेमेस्टर के इंटरंशिप की कार्यशाला

इंटर्नशिप प्रोग्राम छात्रों को संगठन, उसकी संस्कृति और प्रस्तावित कार्य योजना के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह छात्रों को सीखने के लक्ष्यों को विकसित करने और प्राप्त करने में मदद करता है। यह बात सी. एम. साइंस कॉलेज में स्नातक पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियोंके लिए शुक्रवार को आयोजित इंटर्नशिप से संबंधित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो संजीव कुमार मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप प्रोग्राम एक पेशेवर शिक्षण अनुभव है जो छात्र के अध्ययन क्षेत्र या करियर की रुचि से संबंधित सार्थक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है। यह छात्रों को करियर की खोज और विकास करने तथा नए कौशल सीखने का अवसर देती है।

कार्यशाला में पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां शिक्षकों ने विस्तारपूर्वक दी । उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वे किसी भी मान्यता प्राप्त एवं रजिस्टर्ड एजेंसी अथवा संस्था के माध्यम से अपनी इंटर्नशिप कर सकते हैं। यदि कोई एजेंसी इंटर्नशिप कराने के लिए तैयार होती है, तो सबसे पहले संबंधित विद्यार्थी को महाविद्यालय से कंसेंट लेटर प्राप्त करना होगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी द्वारा लिखित रूप में यह दिया जाएगा कि वे विद्यार्थियों की इंटर्नशिप आयोजित करेंगे।

इंटर्नशिप कार्यक्रम ग्रीष्मावकाश अवधि में एक से 20 जून के बीच आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कुल 120 घंटे में से 90 घंटे की सैद्धांतिक कक्षाएँ एवं प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूर्ण करने पर विद्यार्थियों को चार क्रेडिट प्वाइंट्स प्रदान किए जाएंगे, जो कि 100 अंक का होगा, जिसमें 70 अंक इंटर्नशिप रिपोर्ट व 30 अंक साक्षात्कार आकलन के आधार पर मिलेगा। इंटर्नशिप पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को संबंधित एजेंसी द्वारा इंटर्नशिप पूर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसमें यह उल्लेख रहेगा कि विद्यार्थी ने मेहनत एवं लगन के साथ प्रशिक्षण/कार्यशाला में भाग लिया।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि इंटर्नशिप के दौरान लिए गए कुल 120 घंटे के प्रशिक्षण में से कम-से-कम 30 घंटे के कार्य/अध्ययन को आधार बनाकर विद्यार्थियों को 20 से 40 पृष्ठों का एक रिपोर्ट तैयार करना होगा। उक्त रिपोर्ट को संबंधित विभागाध्यक्ष के पास महाविद्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। इस दौरान सभी विभागों के शिक्षक व छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।

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