24 मार्च को लाखों किसान विधानसभा घेरेंगे:- नारायण झा
बिहार विधान सभा मे तीनों कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रस्ताव पास करों:-सीपीआई
दरभंगा अखिल भारतीय किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त आवाह्न पर 24 मार्च को विधानसभा घेराव का निर्णय है। इसको लेकर जिला में व्यापक तैयारी चल रही है। देश में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एवं बिहार विधानसभा और विधान परिषद से तीनों कृषि विरोधी काला कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजने की मांग को लेकर प्रदेश के लाखों किसान विधानसभा को घेरेंगे। 14 मार्च से ही किसान आंदोलन को धार देने के लिए जगह-जगह किसान पंचायतों का आयोजन कर किसानों को गोलबंद किया जा रहा है। जिसमें आज उघडा, मोहली, मलौल, बिरौल, बेड़, पौहद्दी चौक, घनश्यामपुर आदि में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें सीपीआई, किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
मौके पर सीपीआई के जिला सचिव नारायण जी झा ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई है तब से सभी सरकारी संस्थानों को पूजीपतियों के हाथों में सौंपने का काम जोड़ों से कर रही है। कृषि जैसे क्षेत्र को भी कांट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए कॉर्पोरेट घरानों को गिरवी रखने की योजना सरकार बना रही है। देश की 80% आबादी खेती किसानी पर निर्भर है। खेती किसानी को बर्बाद करके सरकार देश की सभ्यता को खत्म करना चाहती हैं। जब सरकार को एमएसपी जैसे कठोर कानून बनाना चाहिए तब सरकार कृषि विरोधी काला कानून लाकर मंडी को खत्म करना चाहती है। वही किसान सभा के जिला सचिव रामनरेश राय ने कहा कि अगर यह तीनों किसी कानून देश में लागू हो जाएगा तो किसान गुलाम बन जाएंगे और किसानों की जमीन को कारपोरेट घराने के हाथों यह सरकार गिरवी देकर किसान को अपने ही खेतों में मजदूर बना देगी। वहीं उन्होंने मिथिला क्षेत्र में बाढ़-सुखाड़ के समस्या का स्थाई निदान की मांग किया। मौके पर किसान नेता लक्ष्मण चौधरी ने कहा कि नए बिजली सुधार कानून को भी सरकार वापस ले साथ ही बागमती के उद्गम स्थल पर हाय डैम का निर्माण कर मिथिला को बाढ़-सुखाड़ मुक्त करें। किसानों के सभी ऋण माफ करें। किसानों को पंचायत स्तर पर मंदी उपलब्ध करवाएं वही कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था भी करवाएं। एमएसपी से कम दर पर आनाज खरीदने वाले व्यापारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करें। अपनी सभी ज्वलंत समस्याओं को लेकर 24 मार्च को किसान लाखों की संख्या में पटना पहुंचकर विधानसभा को घेरने का काम करेगी। अगर सरकार विधानसभा के अंदर कृषि कानून के खिलाफ विरोद्ध प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को नहीं भेजेगी तो बिहार के अंदर किसानों का आंदोलन उग्र रूप लेगी।
जगह-जगह पंचायत को जिवछ पंडित, रामनाथ पासवान, सत्यनारायण पासवान, रामचरित राम, रामचंद्र सहनी, रामपूकार पासवान, राम उदगार साह, रामश्रृगार सिंह, राणा जवाहर सिंह, राधा कृष्ण सिंह, राम शंकर यादव, राम सागर साह, चंदेश्वर सिंह आदि नेताओं ने संबोधित किया।
प्रेस विज्ञप्ति
*24 मार्च को लाखों किसान विधानसभा घेरेंगे:- नारायण जी झा*
*बिहार विधान सभा मे तीनों कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रस्ताव पास करों:-सीपीआई*
दरभंगा-16 मार्च 2021
अखिल भारतीय किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त आवाह्न पर 24 मार्च को विधानसभा घेराव का निर्णय है। इसको लेकर जिला में व्यापक तैयारी चल रही है। देश में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एवं बिहार विधानसभा और विधान परिषद से तीनों कृषि विरोधी काला कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजने की मांग को लेकर प्रदेश के लाखों किसान विधानसभा को घेरेंगे। 14 मार्च से ही किसान आंदोलन को धार देने के लिए जगह-जगह किसान पंचायतों का आयोजन कर किसानों को गोलबंद किया जा रहा है। जिसमें आज उघडा, मोहली, मलौल, बिरौल, बेड़, पौहद्दी चौक, घनश्यामपुर आदि में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें सीपीआई, किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
मौके पर सीपीआई के जिला सचिव नारायण जी झा ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई है तब से सभी सरकारी संस्थानों को पूजीपतियों के हाथों में सौंपने का काम जोड़ों से कर रही है। कृषि जैसे क्षेत्र को भी कांट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए कॉर्पोरेट घरानों को गिरवी रखने की योजना सरकार बना रही है। देश की 80% आबादी खेती किसानी पर निर्भर है। खेती किसानी को बर्बाद करके सरकार देश की सभ्यता को खत्म करना चाहती हैं। जब सरकार को एमएसपी जैसे कठोर कानून बनाना चाहिए तब सरकार कृषि विरोधी काला कानून लाकर मंडी को खत्म करना चाहती है। वही किसान सभा के जिला सचिव रामनरेश राय ने कहा कि अगर यह तीनों किसी कानून देश में लागू हो जाएगा तो किसान गुलाम बन जाएंगे और किसानों की जमीन को कारपोरेट घराने के हाथों यह सरकार गिरवी देकर किसान को अपने ही खेतों में मजदूर बना देगी। वहीं उन्होंने मिथिला क्षेत्र में बाढ़-सुखाड़ के समस्या का स्थाई निदान की मांग किया। मौके पर किसान नेता लक्ष्मण चौधरी ने कहा कि नए बिजली सुधार कानून को भी सरकार वापस ले साथ ही बागमती के उद्गम स्थल पर हाय डैम का निर्माण कर मिथिला को बाढ़-सुखाड़ मुक्त करें। किसानों के सभी ऋण माफ करें। किसानों को पंचायत स्तर पर मंदी उपलब्ध करवाएं वही कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था भी करवाएं। एमएसपी से कम दर पर आनाज खरीदने वाले व्यापारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करें। अपनी सभी ज्वलंत समस्याओं को लेकर 24 मार्च को किसान लाखों की संख्या में पटना पहुंचकर विधानसभा को घेरने का काम करेगी। अगर सरकार विधानसभा के अंदर कृषि कानून के खिलाफ विरोद्ध प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को नहीं भेजेगी तो बिहार के अंदर किसानों का आंदोलन उग्र रूप लेगी।
जगह-जगह पंचायत को जिवछ पंडित, रामनाथ पासवान, सत्यनारायण पासवान, रामचरित राम, रामचंद्र सहनी, रामपूकार पासवान, राम उदगार साह, रामश्रृगार सिंह, राणा जवाहर सिंह, राधा कृष्ण सिंह, राम शंकर यादव, राम सागर साह, चंदेश्वर सिंह आदि नेताओं ने संबोधित किया।
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