एम एल एकेडमी के पूर्ववर्ती छात्रों ने अमर शिक्षक को दी श्रद्धांजलि

एम एल एकेडमी एलुमनी एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार को एम एल एकेडमी के शिक्षक एवं मैथिली के प्रख्यात साहित्यकार पं चंद्रनाथ मिश्र अमर की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विद्यालय के संगोष्ठी कक्ष में आयोजित सभा की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक डॉ विश्व भारती यादव ने की। मौके पर एम एल एकेडमी के पूर्व छात्र एवं पूर्व विधान पार्षद डॉ विनोद कुमार चौधरी ने पं चंद्रनाथ मिश्र अमर को एक अनुशासन प्रिय शिक्षक के रूप में याद करते हुए कहा कि इस विद्यालय में उनके सहित पूर्व प्रधानाचार्य झिंगुर कुमर, बालानंद झा एवं कुलेश्वर झा सरीखे अनेक ऐसे शिक्षक हुए जिन्होंने समय प्रबंधन एवं अनुशासन की ऐसी परंपरा कायम की कि जिसने न सिर्फ महाविद्यालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाने में कारगर भूमिका निभाई, बल्कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के कैरियर को सम्मानजनक ऊंचाई देने में भी प्रभावकारी भूमिका अदा की।
शिक्षक डॉ नरेश झा ने अमर जी को कई पीढ़ियों का शिक्षक बताते हुए उनके आशीर्वाद देने के अनोखे अंदाज का विशेष रूप से जिक्र किया। वहीं शरत चंद्र झा ने कहा कि अपने कामयाब जीवन की अनोखी निशानी के साथ उन्होंने अपने अमर नाम को सार्थक कर दिखाया है। 1967 बैच के छात्र रहे धीरेंद्र चौधरी ने अमर जी के संस्कृत एवं मैथिली को पढ़ाने के रोचक अंदाज का जिक्र किया। डाॅ शंकर झा ने कहा कि उनके महाप्रयाण से एम एल एकेडमी सहित मिथिला का साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिदृश्य आज अभिभावक विहीन हो गया। पूर्ववर्ती छात्र मेजर डाॅ पुलिन बी वर्मा ने अमर जी को विभिन्न विधाओं में पारंगत शिक्षक एवं प्रबुद्ध साहित्यकार होने के साथ-साथ एक कुशल रंगकर्मी बताते कहा कि अपनी कृतियों में वे सदा अमर रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यालय के 1989 बैच के छात्र रहे प्रवीण कुमार झा ने अमरजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में शत-प्रतिशत मिथिलावासी एवं प्रवासी मैथिलों से जनगणना में मातृभाषा के कॉलम में मैथिली दर्ज करने का आह्वान करते हुए अमर जी सहित अब तक दिवंगत हुए शिक्षकों पर केन्द्रित स्मारिका के प्रकाशन का प्रस्ताव रखा। सभा मे दरभंगा जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विनय कुमार झा एवं विजय देव झा ने भी अपने विचार रखे।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाध्यापक डाॅ विश्व भारती यादव ने अमर जी को शिक्षक कर्म एवं मैथिली साहित्य के विकास की दिव्य दृष्टि से संपन्न कालजयी शिक्षक एवं साहित्यकार बताते हुए मैथिली साहित्य के भंडार को भरते हुए विद्यालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।
सभा के अंत में पं चन्द्रनाथ मिश्र अमर की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुणायात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इसमें ऑफ लाइन एवं ऑनलाइन दोनों मोड में पूर्ववर्ती छात्रों ने भाग लिया। ऑफलाइन मोड मे संदीप कुमार, यशवंत शर्मा, संतोष कुमार झा, मनीष कुमार, अनामिका वर्मा, सारिका कुमार , स्वप्ना कुमारी, मोहन मुरारी आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। जबकि ऑनलाइन मोड में सभा से जुड़कर अरुण कुमार, रवीन्द्र झा, गीता झा अंजनी कुमार, गगन कुमार झा, निशिकांत झा, ब्रजमोहन कुमार, संजीत कुमार, डाॅ सुनील कुमार झा, संजीव कुमार मिश्र, हेमंत कुमार आदि ने भाग लिया।
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