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एमएमटीएम कॉलेज में हुआ दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति का अभिनंदन

एमएमटीएम कॉलेज में हुआ दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति का अभिनंदन

कार्यकाल के प्रथम वार्षिक सफलता सोपान पर कार्यक्रम आयोजित
अभिनंदन का पल भला किसे अच्छा नहीं लगता, यह हर किसी को भावुक कर देता है। गुण के बखान से यदि पत्थर के भगवान भी पिघल जाते हैं तो, इंसान को यह उत्साह से सराबोर कर पहले से अधिक ऊर्जावान बना जाता है। यह बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह ने महाराज महेश ठाकुर मिथिला महाविद्यालय के तत्वावधान में बुधवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपतियों के कार्यकाल का सफलतापूर्वक पहला साल पूरा होने के उपलक्ष में आयोजित अभिनंदन समारोह में कही। अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्म की पावन भूमि मिथिला के शिक्षकों को कभी भी व्यर्थ की चीजों में उलझने से परहेज करते हुए उन्हें अपने जीवन में हमेशा बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। छोटी चीजों को मांगने से कभी समस्याओं का समुचित हल नहीं निकलता।
मौके पर कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शशि नाथ झा ने कहा कि सम्मान और अभिनंदन वैसे ही विशेषण कोटि के शब्द हैं, लेकिन यही जब अपनी माटी पर होता है तो इसका अर्थ और भी भावपूर्ण हो जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में मिथिला, मैथिली और धरोहर लिपि मिथिलाक्षर के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि वे संस्कृत और संस्कृति को विकास की पटरी पर लाने के लिए कृतसंकल्प हैं।
इससे पहले विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने दोनों कुलपतियों का अभिनंदन करते हुए शैक्षणिक उन्नयन के साथ-साथ मिथिला, मैथिली एवं मैथिल के सांस्कृतिक विकास की दिशा में किए कार्यों को विस्तार से रेखांकित किया।
समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि अपने विचार रखते हुए पूर्व विधान पार्षद डॉ दिलीप कुमार चौधरी ने दोनों कुलपतियों के कार्यकाल के प्रथम वर्ष को सराहनीय एवं अनुकरणीय बताया। अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व विधान पार्षद डॉ विनोद कुमार चौधरी ने दोनों कुलपतियों के कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्नत भविष्य के लिए इसे महत्वपूर्ण बताया। मौके पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलानुशासक प्रो अजीत कुमार चौधरी, पीजी प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो अयोध्या नाथ झा, पीजी मैथिली विभाग के अध्यक्ष प्रो रमेश झा, पीजी संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ जीवानंद झा, भागलपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ उग्र मोहन झा, कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय मंत्री विनय कुमार झा आदि ने भी अपने विचार रखे।
विद्यापति सेवा संस्थान के मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा के संचालन में आयोजित अभिनंदन समारोह में अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के शिक्षक प्रतिनिधि सह सीनेट सदस्य डॉ राम शुभम चौधरी ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ उदय कांत मिश्र ने किया। कार्यक्रम में स्वागत गीत ओम प्रकाश सिंह ने प्रस्तुत किया जबकि तबला पर हीरा कुमार झा ने सुंदर संगति दी। सुधाकांत झा ने भगवती वंदना प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान मिथिला की गौरवशाली परंपरा अनुरूप पाग, चादर, मखाना की माला एवं संस्थान के मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा रचित अभिनंदन अक्षर हार प्रदान कर किया गया।

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