विश्वविद्यालय की तीन दिवसीय अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता 2021-22 सीएम कॉलेज में संपन्न

पुरुष वर्ग में सी एम कॉलेज के भूपनाथ तथा महिला वर्ग में एन जे एम कॉलेज की कीर्ति कुमारी रहे अव्वल*
*हमारे अंदर जीवन पर्यंत चलने वाली प्रतियोगितायें ही हमें वास्तव में ऊपर उठाती हैं- कुलपति*
*आंतरिक स्रोत से महाविद्यालय में बने बीबीए- बीसीए भवन का कुलपति प्रो एस पी सिंह ने किया उद्घाटन*
*कुलपति के सफल नेतृत्व में विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक,बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है आगे- कुलसचिव*
सी एम कॉलेज, दरभंगा में आयोजित ल ना मिथिला विश्वविद्यालय प्रायोजित तीन दिवसीय पुरुष एवं महिला अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता 2021-22 संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता हमें आगे बढ़ने की सीख तथा प्रेरणा प्रदान करती है। खेल हमें सिखाता है कि जीवन में हर दिन एक जैसा नहीं रहता है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें अपना कदम हवा में ही उठाना पड़ता है। जब हम कार्य करने का निर्णय लेते हैं, तभी हम उसे पूर्ण कर पाते हैं। यदि हम आगे न बढ़े तो हमारी प्रगति अवरुद्ध हो जाएगी। कोई प्रतियोगिता हमारी अंतिम जीत नहीं होती। हमारे अंदर जीवन पर्यंत चलने वाली प्रतियोगिता ही हमें वास्तव में ऊपर उठाती हैं। कुलपति ने कहा कि रास्ता बनाने वाला कोई एक ही होता है, परंतु उनका अनुसरण असीमित लोग करते हैं। सिर्फ साधनों से ही सफलता नहीं मिलती है, बल्कि अपने पर नियंत्रण के साथ जोखिम लेकर ही हम आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रो अमरनाथ झा के कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा कि लीडर विरले लोग ही होते हैं। इस अवसर पर कुलपति ने महाविद्यालय के आंतरिक स्रोत से बने दो मंजिला बीबीए- बीसीए भवन का भी उद्घाटन किया।
सम्मानित अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो मुश्ताक अहमद ने कहा कि कुलपति के सफल नेतृत्व में विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक,बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुलाधिपति द्वारा सर्वश्रेष्ठ कुलपति के रूप में चयन न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि संपूर्ण मिथिला का सम्मान है। उन्होंने कुलाधिपति द्वारा सी एम कॉलेज के छात्र आचार्य भास्कर के श्रेष्ठ सांस्कृतिक छात्र के रूप में चयन की बधाई दी। प्रो मुश्ताक अहमद ने कहा कि कोरोना काल में कुलपति के आगमन से ही हमारा विश्वविद्यालय बिहार में सर्वोच्च बना हुआ है। यहां के सत्र नियमित हैं तथा ओएमआर पर स्नातक की परीक्षा लेने वाला यह विश्वविद्यालय प्रथम है, जिसका अनुकरण बिहार के अन्य विश्वविद्यालय भी कर रहे हैं। उन्होंने ओएमआर पर परीक्षा लेने के लाभों को बताते हुए कहा कि इससे छात्रों को प्रतियोगिता परीक्षाओं में काफी लाभ मिलेगा। कुलसचिव ने कहा कि सी एम कॉलेज लगभग एक 100 वर्षों से मिथिला का ऑक्सफोर्ड बना हुआ है। जहां से मिथिला में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी। यहां के छात्र देश- दुनिया के हर कोणे में अपना झंडा फहरा रहे हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कुलपति एवं कुलसचिव का स्वागत करते हुए कहा कि कुलपति द्वारा लखनऊ में स्थापित महाविद्यालय इनके यश को देश-दुनिया में फैला रहा है। उन्होंने कुलसचिव को स्नेह व प्रेम से वशीभूत होने वाला बताया। प्रधानाचार्य ने कहा कि सी एम कॉलेज परिवार मिलकर अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर कदम बढ़ा रहा है। शतरंज प्रतियोगिता का मिथिला में महत्व बताते हुए कहा कि यह अपनों के बीच खेला जाता है जो प्रेम का भी प्रतीक है। उन्होंने महाविद्यालय रूपी मां के गोद में छात्र, शिक्षक तथा प्रधानाचार्य के रूप में सेवा को अपना सौभाग्य बताया।
महाविद्यालय के खेल पदाधिकारी डा यादवेंद्र सिंह ने शतरंज प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में कुल 47 टीमें भाग ली, जिनमें विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों से पुरुषों की 30 तथा महिलाओं की 17 टीमें शामिल हैं।
सीएम कॉलेज के भूतनाथ पुरुष शतरंज विजेता तथा नागेंद्र झा महिला कॉलेज की कीर्ति कुमारी महिला विजेता बनी, जबकि कुल प्राप्त अंकों के आधार पर सी एम कॉलेज प्रथम स्थान के साथ शतरंज चैंपियन टॉफी प्राप्त किया। पुरुष विजेताओं में के एस कॉलेज के अंकित कुमार- द्वितीय, एसबीएसएस कॉलेज, बेगूसराय के किशन कुमार- तृतीय, एम के कॉलेज के अभिषेक कुमार- चतुर्थ, केएस कॉलेज के हिमांशु- पंचम तथा सी एम कॉलेज के प्रणय कुमार ने छठा स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला शतरंज प्रतियोगिता में सीएम साइंस की काजल कुमारी- द्वितीय, सीएम कॉलेज की काजल कुमारी- तृतीय, एम के कॉलेज के अदिति राज- चतुर्थ, एमएलएसएम कॉलेज के शुभ्रा वैदेही- पंचम तथा सीएम साइंस कॉलेज की निधि झा ने छठा स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में बीबीए व बीसीए के समन्वयक डा अशोक कुमार पोद्दार, प्रो मंजू राय, डा आर एन चौरसिया, विश्वविद्यालय के उपखेल पदाधिकारी प्रो अमृत कुमार झा, डा ललित शर्मा, प्रो दिवाकर सिंह, प्रो रागनी रंजन,डा अभिलाषा कुमारी, डा मयंक श्रीवास्तव, डा विजयसेन पांडे, प्रो अखिलेश कुमार राठौर, प्रो रितिका मौर्या, प्रो शिप्रा सिन्हा, डा तनिमा कुमारी, डख मनोज कुमार सिंह, डा रूपेंद्र झा, डा अखिलेश कुमार विभू, डा आलोक राय, डा आलोक रंजन, विपिन कुमार सिंह , सृष्टि चौधरी आदि सहित एनएसएस स्वयंसेवक तथा एनसीसी कैडेट शामिल थे। समारोह का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जबकि अतिथियों का स्वागत शाल, पुष्पगुच्छ तथा स्मृतिचिन्ह से किया गया।
सरस्वती वंदना एवं जय जय भैरवी की प्रस्तुति प्रीति कुमारी द्वारा हुई, जबकि समापन राष्ट्रगान जन गण मन के सामूहिक गायन से हुआ।
आगत अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो इंदिरा झा ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डा रीता दुबे ने किया।
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