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विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को मनाई गई आचार्य सुरेंद्र झा सुमन की 20 वीं पुण्यतिथि

एक पखवाड़े के अंदर होगा आचार्य सुमन के प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण: नगर विधायक

विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को मनाई गई आचार्य सुरेंद्र झा सुमन की 20 वीं पुण्यतिथि

कृतज्ञ मिथिला वासी की ओर से आचार्य सुमन की प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण

प्रशासनिक उदासीनता का दशकों से दंश झेल रहे मिथिला- मैथिली के इतिहास पुरुष आचार्य सुरेंद्र झा सुमन के प्रतिमा स्थल के सौंदर्यीकरण का कार्य एक पखवाड़े के अंदर शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रतिमा स्थल पर घेराव, मेहराव, चाहरदीवारी, सीढ़ी आदि का निर्माण करने के साथ ही अति आधुनिक प्रकाश की व्यवस्था व रंग रोगन किया जाएगा। उक्त घोषणा नगर विधायक संजय सरावगी ने शनिवार को आचार्य सुरेंद्र झा सुमन की 20 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि मिथिला व मैथिली साहित्य को गति प्रदान करने वाले आचार्य सुमन जी के प्रति वे आजीवन कृतज्ञ बने रहेंगे । क्योंकि उन्हें राजनीति में लाने वाले आचार्य सुमन जी ही थे और उन्हीं के आदर्शों पर चलकर आज वे लगातार अनेक वर्षों से विधायकी कर रहे हैं।
मौके पर अपने संबोधन में पूर्व विधान पार्षद एवं संप्रति सीएम साइंस व ला कालेज के प्रधानाचार्य प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि सुरेंद्र झा सुमन का मिथिला के सामाजिक एवं राजनीतिक विकास में न सिर्फ अभूतपूर्व योगदान रहा बल्कि उनके द्वारा कायम आदर्श के प्रतिमान आज भी काफी महत्व रखते हैं।
विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डाॅ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने अपने संबोधन में आचार्य सुरेंद्र झा सुमन को ऐतिहासिक महापुरुष बताते हुए एक आम मैथिल, साहित्यकार, विधायक और एक सांसद के रूप में उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सही मायने में सुमन जी मैथिली के अमर साहित्यकार एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे।
वरिष्ठ साहित्यकार सह लनामिवि के दूरस्थ शिक्षा निदेशक डा अशोक कुमार मेहता ने कहा कि वह सही मायने में महाकवि थे, जिनके मुख से सदैव प्यार व दुलार प्रस्फुटित होता था। अपने संबोधन में उन्होंने आचार्य सुमन को सौंदर्योपासक व महान राष्ट्र भक्त करार दिया।
संस्थान के मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने आचार्य सुरेंद्र झा सुमन रचित शिव पंचाक्षर स्तोत्र की चर्चा करते हुए कहा कि देवों के देव महादेव की महिमा का वर्णन करती सुमन जी की यह रचना भारतीय साहित्य की अनुपम, अद्वितीय और अद्भुत कृति है। प्रो चंद्रशेखर झा बूढ़ा भाई ने आचार्य सुमन को सजग राष्ट्र का सजग प्रहरी बताते कहा कि आचार्य सुमन अमर हैं और अमर रहेंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि हरिश्चन्द्र हरित ने आचार्य सुमन पर केन्द्रित कविता का पाठ कर काव्यांजलि प्रस्तुत की।
इससे पहले हराही पोखर स्थित आचार्य सुरेंद्र झा सुमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समस्त मिथिलावासी की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर डा उदय कांत मिश्र, डा राम सुदिष्ट चौधरी, अखिलेश झा, डा गणेश कांत झा, हरि किशोर चौधरी, दुर्गा नन्द झा, अभय कुमार झा, आशीष चौधरी, गिरधारी झा, मिथिलेश मिश्र, रामाज्ञा झा आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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