Breaking News

मधुबनी सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का सीडीएसओ टीम ने किया निरीक्षण

सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का सीडीएसओ टीम ने किया निरीक्षण

मधुबनी

सदर अस्पताल स्थिति ब्लड बैंक का मंगलवार को सीडीएसओ टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मिली खामियों को जल्द दुरुस्त करने के टीम ने निर्देश दिए। निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ब्लड बैंक के लाइसेंस के रिन्यूवल का निर्णय लिया जाएगा। विदित हो कि इससे पूर्व नवंबर माह में भी राज्य स्तरीय टीम ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया था. टीम के सदस्य एसबीडीसी जितेंद्र कुमार लाल ने बताया रक्त केंद्र का नियम है कि प्रत्येक 5 साल में सीडीएसओ की टीम ब्लड बैंक का निरीक्षण करती है जिसके तहत प्रत्येक डॉक्यूमेंट का अध्ययन किया जाता है. निरीक्षण के बाद रिपोर्ट बिहार सरकार को सौंपी जाएगी उन्होंने बताया ब्लड बैंक के लाइसेंस को रिन्यू कराने के लिए प्रत्येक 5 वर्षों पर ब्लड बैंक का तीन स्तरों पर जांच किया जाता है जिसमें प्रथम स्तर पर बिहार सरकार के द्वारा दूसरे स्तर पर सीडीएसओ टीम के द्वारा तथा तीसरे स्तर पर केंद्रीय टीम के द्वारा जांच की जाती है उसके बाद लाइसेंस रिनुअल किया जाता है विदित हो कि सदर अस्पताल का विगत 19 वर्षों से लाइसेंस रिनुअल नहीं किया गया है लेकिन इस अवधि में ब्लड बैंक के द्वारा सरकार को प्रत्येक 5 वर्षों पर चालान जमा कर दिया जाता है जिस आधार पर ब्लड बैंक का लाइसेंस नवीनीकरण किया जाता था. एसडीएसओ टीम का नेतृत्व सीडीओ नरेंद्र कुमार, जे. के. लाल कर रहे थे, जबकि निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक प्रभारी डॉ विनोद कुमार झा, डॉ कुणाल कौशल, ड्रग इंस्पेक्टर संगीता कुमारी, केयर इंडिया के डीटीएल महेंद्र सिंह सोलंकी अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, सचिन पासवान भी मौजूद रहे ।

टीम ने 2 घंटे तक सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं तथा स्थिति का जायजा लिया-

टीम के सदस्यों ने तकरीबन 2 घंटे तक सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं तथा स्थिति के बारे में जायजा लिया तथा अपनी रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान टीम ब्लड बैंक की साफ-सफाई की व्यवस्था से संतुष्ट पाई गई , टीम के सदस्यों ने ब्लड बैंक प्रभारी डॉ विनोद कुमार झा व अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वहीं, ब्लड स्टोरेज यूनिट में कई उपकरण लगाने की भी बात टीम के सदस्यों के द्वारा कही गई।

टीम के सदस्यों ने जिले के एकमात्र ब्लड बैंक की सराहना की-

डॉ. विनोद कुमार झा ने बताया कि, टीम के सदस्यों ने जिले के सरकारी संस्थानों के एकमात्र ब्लड बैंक की सराहना की। साथ ही कुछ कमियों के मद्देनजर कुछ सुझाव भी दिए हैं।

Check Also

बिहार में मरीजों को रेफर करने के कांसेप्ट को हर हाल में समाप्त करना है, इसके लिए एस०ओ०पी० बनाएं।

🔊 Listen to this   एम्स, दरभंगा का निर्माण कार्य तथा डी०एम०सी०एच० का पुनर्विकास कार्य …