जल-जीवन-हरियाली अभियान की हुई समीक्षा बैठक

दरभंगा समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा राजीव रौशन की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत 11 अवयवों पर किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि दरभंगा के 800 तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। बहादुरपुर में दो, दरभंगा सदर में तीन, मनिगाछी में दो एवं सिंहवाड़ा में तीन तलाब अतिक्रमण मुक्त किया जाना शेष है।
जिलाधिकारी ने 15 दिनों के अंदर इन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के निर्देश दिए। बताया गया कि जिले के सभी कुँआ को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है, कुँआ का जीर्णोद्धार अब ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रहा है।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा कुल 23 बड़े तालाब, जो पाँच एकड़ से अधिक वाले हैं, को जीर्णोद्धार के लिए चयन किया गया है,जीर्णोद्धार के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में पाया गया कि मनरेगा के माध्यम से 2598 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाना है, अभी तक 321 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है।
इस कार्य को पूर्ण करने के लिए दो वर्ष की अवधि, यानी मार्च 2025, तक विस्तारित की गई है।
आहर एवं पईन का जीर्णोद्धार मनरेगा के द्वारा कराया जा रहा है, जिलाधिकारी ने टीम का गठन कर जीर्णोद्धार कराए गए आहर एवं पइन की जाँच कराने के निर्देश मिशन प्रबंधक जल-जीवन-हरियाली दरभंगा को दिया गया।
कुँआ एवं चापाकल के समीप सोख्ता निर्माण कार्य के समीक्षा में मनरेगा के कार्य गति काफी धीमी पाई गई।
जिलाधिकारी ने इस बावत सभी कार्यक्रम पदाधिकारी से कारणपृक्षा करने के निर्देश दिए।
खेत/पोखर सृजन करने की समीक्षा में पाया गया कि 621 खेत/पोखर का सृजन मनरेगा के माध्यम से कराया गया है।
मत्स्य विभाग द्वारा 157 एवं कृषि विभाग द्वारा दो खेत पोखर का सृजन करवाया गया है।
छत वर्षा जल संचयन संरचना 1800 भवनों पर निर्माण कराया जाना है, शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक 138 भवनों पर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन भवनों पर छत वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण करवाया गया है।
पौधशाला की प्रविष्टि जेजेएच पोर्टल पर नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई।
जिलाधिकारी ने मिशन प्रबंधक को जीविका के डीपीएम से समन्वय स्थापित कर सभी 12 पौधशाला की प्रविष्टि जेजेएच पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए।
दरभंगा में टपकन सिंचाई के माध्यम से 623 एकड़ भूमि पर जैविक खेती की जा रही है।
सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु 165 भवन का चयन किया गया है। समीक्षा में पाया गया कि चयनित एजेंसी के कार्य की गति ठीक नहीं है, इस संबंध में मिशन निदेशक जल-जीवन-हरियाली को प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया गया।
। बैठक में उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला कृषि पदाधिकारी विपिन कुमार सिन्हा, एसीएमओ जेपी मेहता, परियोजना निदेशक (आत्मा) पूर्णेन्दु नाथ झा एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
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