दरभंगा जिला में वैज्ञानिक विधि से मत्स्य पालन को बढ़ावा
• मत्स्य पालन के लिए सरकार के द्वारा काफी अनुदान दी जा रही है

दरभंगा जिला में मत्स्य उत्पादन एवं किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
जिले में मत्स्य पालन का समावेशी, टिकाउ और बड़े स्तर पर विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मत्स्य निदेशालय, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार एवं BAIP (बिहार एक्कावाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम), के संयुक्त सहयोग से प्रथम चरण में जिले के कुल 09 मत्स्य पालकों को 21 लाख जयंती रोहू एवं 18 लाख अमृत कतला का उन्नत स्पॉन ICAR-CIFA के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से जिला मत्स्य पदाधिकारी, दरभंगा श्री अनुपम कुमार, BAIP टीम के श्री राहुल कुमार एवं सुश्री स्वाती चौधरी के उपस्थिति में उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी, दरभंगा श्री अनुपम कुमार ने बताया कि जयंती रोहू एवं अमृत कतला उन्नत एवं उच्च उत्पादन क्षमता वाली मत्स्य प्रजातियाँ हैं, जिन्हें वैज्ञानिक चयन प्रजनन तकनीक के माध्यम से विकसित किया गया है। इन प्रजातियों की वृद्धि दर सामान्य प्रजातियों की तुलना में बेहतर मानी जाती है,जिससे किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
साथ ही इससे जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग किसानों को हर संभव तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं BAIP के टीम से श्री राहुल कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि किसानों का समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अधिक लाभ अर्जित कर सकें।
कार्यक्रम से जुड़े किसानों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्नत स्पॉन मिलने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी तथा उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आएगा।
किसानों ने मत्स्य विभाग एवं BAIP के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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