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दरभंगा लालकिला पर एमएसयू और गौरवशाली दरभंगा टीम ने फहराया तिरंगा झंडा किला को ऐतिहासिक धरोहर घोषित करने की मांग की  

दरभंगा लालकिला पर एमएसयू और गौरवशाली दरभंगा टीम ने फहराया तिरंगा झंडा किला को ऐतिहासिक धरोहर घोषित करने की मांग की

 

15 अगस्त देश के स्वर्णिम इतिहास का दिन स्वतंत्रता के 74 वी वर्षगांठ पर देश वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं मिथिला स्टूडेंट यूनियन और गौरवशाली दरभंगा टीम के द्वारा दिया गया एक बार फिर से मिथिला स्टूडेंट यूनियन और गौरवशाली दरभंगा टीम के द्वारा दरभंगा रामबाग़ स्तिथ दरभंगा लाल किला जो की राज किला और रामबाग़ किला के नाम से भी मशहूर हैं मुख्य द्वार के किला के ऊपर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में झंडा फहराया गया वर्ष 2018 से झंडा फहराने की शुरुवात एमएसयू और गौरवशाली दरभंगा टीम के द्वारा किया गया था प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर यहाँ झंडोतोलन किया जाता आ रहा हैं एमएसयू और गौरवशाली दरभंगा टीम सदस्य कहते हैं मिथिला क्षेत्र का यह धरोहर आज एक खंडरनुमा किला में तब्दील होता जा रहा हैं महाराजा कामेश्वर सिंह द्वारा बनाये गए इस किला को दिल्ली के लालकिला के सामान देखा गया था जिसकी ऊंचाई दिल्ली लालकिला से भी 10 फिट ज्यादा हैं लगभग 1 किलोमीटर लम्बी इस किला का निर्माण 1934 के समय में शुरू हुआ था तीन तरफ से घिरी इस चाहदिवार का पश्चिम तरफ निर्माण के समय देश को आजादी मिलने और जमींदारी प्रथा ख़त्म होने के कारण इसे सरकार के अधीन कर दिया गया तब से इस किले का निर्माण अधूरा ही रह गया हैं आज स्तिथि ये की स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और पुरातात्विक विभाग की अनदेखी के कारण यह किला आज वीरान और खंडहर में तब्दील हो चूका हैं किले के दिवार पर बड़े बड़े पेड़ उग गए हैं जो किले की दिवार को कमजोर कर रहा हैं ऐसा प्रतीत होता हैं की यह ऐतिहासिक किला कभी भी ध्वस्त हो जाएगा नगर विधायक के घर के पास से गुजरा यह ऐतिहासिक दिवार आज भी लोगों को आकर्षित करता हैं अगर यह किला आज कही और होता तो इस किला के महत्व कुछ और होता लेकिन इस क्षेत्र में ना जाने कितने ऐसे ऐतिहासिक धरोहर है जो धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता गया और पूर्णतः ख़त्म होने के कगार पर खड़ा हैं दूसरे राज्य के धरोहर को पर्यटन के हिसाब से विकसित किया जाता हैं लेकिन यहां के धरोहर को विश्वविद्यालय बना दिया जाता हैं वो भी बिना प्रोफेसर के आज अपने धरोहर को बचाने की जरुरत है सहजने की जरुरत हैं वरना हमारा इतिहास हमारे सामने ख़त्म कर दिया जाएगा और हम हाथ पे हाथ दिए बैठे रहेंगे आज मिथिलावासी को एक होने की जरुरत हैं यहाँ के इतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए खुद आगे आना होगा वरना यहाँ के प्रतिनिधि इसको बचाने के बजाय इसे बेचने का काम करेंगे हम मांग करते हैं की 26 जनवरी से पूर्व इस किला को ऐतिहासिक किला घोषित किया जाए और विधिवत तरीके से झंडातोलन किया जाए पिछले दो सालो से हमलोगो के द्वारा यहाँ झंडोतोलन कर इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिये लोगों को आकर्षित करने का काम किया जा रहा हैं यहाँ झंडा फहराने से खुद में अपने इतिहास पर गर्व महसूस होता हैं लेकिन जब वर्तमान हालत देखे तो ऐसा महसूस हो रहा हैं जैसे मानो हम अपने स्वर्णिम इतिहास को मिटते देखने में अपना अहम् किरदार निभा रहे हैं दो वर्ष में 4 बार झंडा फहराने के बाबजूद आज भी स्तिथि वैसी ही जैसे हमने देखा था दिवार के चारों तरफ पीपल पेड़ उग आए हैं जो धीरे धीरे इस दीवाल की मजबूती को ख़त्म कर रहा हैं और एक दिन जो इतिहास आज हमारे सामने खड़ा हैं वो पूर्णतः ख़त्म हो जाएगा हम जिला प्रशासन स्थानीय प्रतिनिधि और पुरातत्व विभाग से अपील करते हैं कि इस ऐतिहासिक किला का रखरखाव हेतु आवश्यक कदम उठाये और तत्काल इसे ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया जाए जल्द ही मिथिला स्टूडेंट यूनियन और गौरवशाली दरभंगा के द्वारा जिला प्रशासन को और पुरातत्व विभाग को इस किले के साथ-साथ सभी ऐतिहासिक विरासत को रखरखाव और संरक्षण के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा और आम जनमानस के सहयोग से एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी ताकि अपने इतिहास को बचाया जा सके इस बाबत एमएसयू के राष्ट्रीय महासचिव गोपाल चौधरी ने सरकार के प्रति नारजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सरकारों ने धरोहरों को लेकर दरभंगा को अब तक छलने का काम किया हैं जिसका जीवंत उदहारण दरभंगा का राज किला हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने किला पर ध्वजारोहण की शुरुआत 2018 में विपरीत परिस्थितियों में की थी लेकिन पिछले दो वर्षों से सरकार और स्थानीय प्रशासन उदासीन ही रहा है। अगर अब भी सरकार का रवैया नही बदला तो किला के संरक्षण हेतु उग्र प्रदर्शन किया जाएगा वहीं गौरवशाली दरभंगा टीम के संतोष चौधरी ने कहा की दरभंगा के 62 फ़ीट की ऊंचाई रखने वाले लाल किला पर ध्वजारोहण कर के जहां गर्व महसूस होता है वही ध्वजारोहण के ऐतिहासिक स्थल की स्थिति को देख कर दर्द होता हैं
सुबह करीब 9:00 बजे किले के मुख्य द्वार के ऊपर एमएसयू और गौरवशाली दरभंगा की टीम के द्वारा झंडा फहराया गया पेड़ के सहारे इस किला के ऊपर चढाई की गयी जो काफी कठिन होता हैं जिसके बाद तिरंगा फहराया गया फिर राष्ट्रीय गान जन गण मन गाते हुए तिरंगा को सलामी दी गयी और अगली बार फिर से गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहाँ झंडा फहराने की बात कही
इस अवसर एमएसयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमित कुमार ठाकुर प्रभारी अमन सक्सेना संगठन मंत्री दिवाकर मिश्रा दरभंगा महासचिव सागर सिंह जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार झा गणपति मिश्रा राष्ट्रीय महासचिव गोपाल चौधरी गौरवशाली दरभंगा टीम के सदस्य मनीष राज सिंह अविनाश संतोष चौधरी अनूप कुमार झा एमएसयू के विद्याभूषण राय अनीश चौधरी नीरज कुमार अभिषेक झा,मिहिर झा,निकिता गुप्ता,आदित्य मिश्रा,शशि शंकर,नरेश साह,सौरभ मिश्रा आदि मौजूद रहे
भवदीय
अमन सक्सेना
विश्वविद्यालय प्रभारी
मिथिला स्टूडेंट यूनियन

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