सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आदर्श मध्य विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कही बाल विवाह से पीड़ित बच्चों के मानसिक एवं शारिरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बचपन और व्यक्तिगत सुरक्षा का नुकसान होता है, बच्चों के विकास के रास्ते बंद हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में बाल विवाह को रोकने, पीड़ितों के राहत एवं पुनर्वास तथा दोषियों को दंडित करने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 लागू है।
इस कानून के अनुसार लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की न्यूनतम 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराने वाले लोगों को 2 वर्ष कठोर कारावास तक की सजा एवं एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है ।
सचिव आरती कुमारी ने कही कि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह की सूचना पुलिस,बाल विवाह निषेध अधिकारी,बाल कल्याण समिति, जिलाधिकारी को या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दे सकता है।
उन्होंने नालसा आशा स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि बाल विवाह की सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं नालसा के टॉल फ्री नंबर 15100 पर भी दी जा सकती है। कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन की प्रभारी अजमतुन निशा एवं महिला एवं बाल विकास निगम के डीपीएम राजेश कुमार ने भी जानकारियां दी।
मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक मो.साजिद हसन सहित सभी शिक्षकगण मौजूद थे।
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