उचित आहार-विहार एवं जनजागरूकता से हारेगा कोरोना- डा प्रवीर
कोरोना
वायरस से बचाव में मास्क का प्रयोग तथा शारीरिक दूरी रामबाण- डा अनिल*
*रोटरी क्लब दरभंगा मिडटाउन द्वारा कोरोना महामारी पर सही व पूर्ण जानकारी देने हेतु वेबीनार आयोजित*
*विशेषज्ञ डॉक्टरों ने श्रोताओं के प्रश्नों का समुचित उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया*
रोग प्रतिरोधक क्षमता को स्थाई रूप से बढ़ाने की कोई दवा नहीं है,बल्कि यह पौष्टिक व संतुलित आहार, व्यवस्थित दिनचर्या,योग- प्राणायाम,शारीरिक श्रम- व्यायाम तथा तनाव मुक्त दिनचर्या से प्राप्त किया जा सकता है।भोजन में फल-फूल,हरी सब्जी,दाल- दूध,अंकुरित अनाज तथा अल्प ड्राई फ्रूट्स के सेवन से हमारी रोग निरोधी क्षमता स्वत: बढती है जो हमें कोरोना जैसे बीमारी से लड़ने में मदद करता है।उक्त बातें रोटरी क्लब दरभंगा मिटाउन द्वारा ‘शिक्षक दिवस’ के उपलक्ष में शिक्षकों एवं छात्रों के लिए कोरोना महामारी के संबंध में सही व पूर्ण जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित बेवीनार को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध चिकित्सक डा प्रवीर सिन्हा ने कहा।उन्होंने अनेक मिथकों की चर्चा करते हुए कहा कि केवल 2 से 3% केस ही सीरियस होते हैं,जबकि भारत में 1.5 से 2% ही मृत्यु दर है।अपने उचित आहार-विहार तथा जन जागरूकता से कोरोना को हराया जा सकता है।
चिकित्सक डा अनिल नारायण सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव में मास्क का प्रयोग तथा शारीरिक दूरी रखना रामबाण है।इसका वायरस हमारी नाक,आंख व मुंह से शरीर में पहुंचकर श्वसन नली को मुख्यतः प्रभावित करता है। इससे फेफड़े हृदय,लीवर, किडनी और गुर्दा आदि भी प्रभावित होता है।सुरक्षा ही कोरोना का बचाव है।वैसे देश-विदेश में अनेक दवा व वैक्सीन ट्रायल में हैं,पर यह अगले वर्ष में ही आम लोगों के लिए उपलब्ध हो पाएंगे।
चिकित्सक डा अमिताभ सिन्हा ने कहा कि अभी भी लोगों में कोरोना के बारे में सही व पूर्ण जानकारी नहीं है, क्योंकि यह नई बीमारी है, जिसके लक्षण बदलते रहे हैं। यह सिर्फ अपने लक्षणों से नहीं,बल्कि जांच से ही पकड़ में आता है।संक्रमित व्यक्ति, वृद्ध तथा बीमार व्यक्ति को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।उन्होंने रोटरी क्लब द्वारा कोविड-19 में की गई समाजसेवा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भारत में क्लब की 400 शाखाएं हैं,जिनमें डेढ़ लाख सदस्य समाजसेवा से सीधे जुड़े हुए हैं।
डा कैलाश प्रसाद सिंह ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा में लक्षण के आधार पर इलाज होता है।यह सस्ती पद्धति है,जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।इसमें ऐसी दवा दी जाती है,जिससे बीमारी हो ही नहीं,पर यदि हो जाए तो उसका भी अचूक इलाज किया जाता है। वेबीनार में डा अभिषेक सराफ,डा बीबी शाही,डा अंजू कुमारी,डा रंजीत कुमार, डा अयोध्यानाथ झा,डा भक्तिनाथ झा,डा शंभू मंडल, प्रो एम आई अहमद,डा विनोद सिंह,भैरव चौधरी,डा आलोक कुमार,रंजीत कुमार चौरसिया,अशोक कुमार चौधरी,डा संजीव मिश्रा, संजय मिश्र आदि सहित 60 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया।
चिकित्सक डा राजेश कुमार ने बताया कि आज लोग सामाजिक लांछना से बचने के लिए कोरोना जांच नहीं कराते हैं और ऐसे कुछ संक्रमित लोग समाज में दूसरों को भी अनजाने में संक्रमित करते हैं।हमें व्हाट्सएप पर मिल रही गलत जानकारी से बचते हुए, विशेषज्ञों से ही सही जानकारी लेनी चाहिए।उन्होंने बताया कि कोरोना बीमारी कोई कलंक नहीं है, क्योंकि अनेक गणमान्य लोग आगे आकर स्वयं के संक्रमित होने की जानकारी दी और दूसरों से भी जांच कराने का आग्रह किया है।
क्लब के सचिव विशाल गौरव के संचालन एवं आयोजकत्व में आयोजित वेबीनार में अतिथियों का स्वागत करते हुए क्लब के अध्यक्ष डा नीरज प्रसाद ने क्लब के मिडटाउन शाखा की गतिविधियों की पूरी जानकारी दी,जबकि धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डा आर एन चौरसिया ने वेबीनार का आउटकम प्रस्तुत किया।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal