लोक आस्था का महापर्व छठ नहाए खाए के साथ शुरू आज से नहाए खाए के साथ आरंभ हो गया छठ पर्व इसके साथ ही व्रतियों का नियम निष्ठा आरंभ हो जाएगा आचार व्यवहार से लेकर रहन-सहन तक अगले 4 दिन तक साहित्य रहेगा। 19 नवंबर की संध्या में खरना अनुष्ठान के साथ ही व्रतियों का 36 घंटों का निर्जला उपवास आरंभ हो जाएगा। वही 20 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा 21 नवंबर को उदयीमान सूर्य को अर्ध्य देने के साथ 4 दिनों का महापर्व छठ संपन्न हो जाएगा। छठ को महाभारत पर्व भी कहा जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल से ही छठ व्रत की परंपरा रही है कुंती सूर्यपुत्र कर्ण प्रतिदिन घंटों कमर तक जल में खड़ा होकर सूर्य देव की आराधना करते थे और और दे देते थे दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि वनवास के दौरान पांडव और द्रौपदी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को सूर्य भगवान का विशेष पूजन बहार दे देते थे पुत्रों की कामना से द्रोपति निर्जला उपवास रखकर सूर्य देव की पूजा करती थी।

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