मैथिल परिधान में भव्य शोभायात्रा के साथ होगी 18वें अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन की शुरुआत
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कोरोना के सुरक्षा मानकों के पालन पर होगा विशेष ध्यान
मैथिली अधिकार दिवस के रूप में दो दिवसीय 18वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन की शुरुआत 22 दिसंबर को प्रातः वेला में वृन्दावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी के दर्शन उपरांत मैथिल परिधान में भव्य शोभायात्रा के साथ होगी। जबकि संध्या बेला में मंगलाचरण के साथ उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। मिथिला मैथिली के उत्कर्ष विषयक विचार गोष्ठी, मिथिला रत्न सम्मान समारोह एवं महाकवि विद्यापति संगीत दर्शकों के विशेष आकर्षण के केंद्र में होगा। यह जानकारी देते हुए विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 10 बजे कोरोना महामारी के कारण व निदान विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी से होगा। संगोष्ठी प्रभारी मणिकांत झा के संचालन में होने वाली इस संगोष्ठी में वासी एवं प्रवासी दोनों प्रतिभागी अपने विचार रखेंगे। जबकि संध्या बेला में विविध भाषा कवि गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कवि हरिश्चंद्र हरित के संयोजन में आयोजित होने वाले इस भव्य कवि सम्मेलन में मिथिला के प्रतिनिधि कवि के रूप में डाॅ जय प्रकाश चौधरी जनक, विष्णु देव झा विकल, मणिकांत झा, आभा झा, नीलम झा, प्रवीण कुमार झा एवं शारदानंद सिंह भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि दूसरे दिन के कार्यक्रम का समापन संस्थान के सचिव प्रो जीवकांत मिश्र के संयोजन में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा। प्रसिद्ध उद्घोषक रामसेवक ठाकुर के संचालन में मैथिली मंच के शीर्षस्थ कलाकार पं कुंज बिहारी मिश्र, डॉ रंजना झा, डॉ सुषमा झा, श्वेता कुमारी, दुखी राम रसिया, ओमप्रकाश सिंह, कृष्ण कुमार कन्हैया, केदारनाथ कुमर, नवल नंद, ललित कुमार झा आदि अपनी गायकी का जादू बिखेरेंगे जबकि तबला पर हीरा कुमार झा एवं कौशिक के साथ कैसियो पर राम बहादुर यादव की संगति होगी। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में भाग लेने वाले मिथिला के विभिन्न प्रतिनिधियों सहित आम मैथिल जन का जत्था रविवार की सुबह बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना होगा और फिर वहां से सड़क मार्ग द्वारा अपने गंतव्य पर पहुंचेगा।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में कोरोना के सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है और सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष पं गंगाधर पाठक एवं मुख्य संरक्षक ई. अजय कुमार चौधरी इसे लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं।सम्मेलन की व्यापक सफलता के लिये
शुक्रवार को कैलासनगर वृन्दावन स्थित पं. गङ्गाधर पाठक के आवास पर अजय कुमार चौधरी, मुख्य अभियन्ता दक्षिणाञ्चल विद्युत् निगम बोर्ड की अध्यक्षता में प्रबुद्ध और उत्साही सदस्यों की विचारगोष्ठी सम्पन्न हुई।
मौके पर पं गंगाधर पाठक ने कहा कि मिथिला एवं मैथिली के उपासकों के दशकों प्रयास के बाद 22 दिसम्बर 2003 ई. को भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में मैथिली के शामिल होने बाद मैथिली अधिकार दिवस के रूप में 18वें अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के वृन्दावन में आयोजित होने से संपूर्ण वृजवासी आह्लादित हैं। सम्मेलन के मुख्य संरक्षक ई. अजय कुमार चौधरी ने मैथिल समाज के संगठन एवं सर्वविध विकास के साथ समाज के द्वारा भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्द्धन पर विचार प्रकट किया। बैठक में ई. राजीव शर्मा अलीगढ़, सुरेशचन्द्र शर्मा मथुरा, के.एस. शर्मा मथुरा, वेदप्रकाश शर्मा राया, देवेन्द्र शर्मा हनुमान् अलीगढ़, विजय शर्मा राया, गोविन्द शर्मा मथुरा, हीरालाल शर्मा, दीपक झा अलीगढ़, मयंक शर्मा अलीगढ़, ई. जयप्रकाश शर्मा लोहवन, रवि भारद्वाज शिकोहाबाद, व्रजेश शर्मा फिरोजाबाद, विवेक शर्मा फिरोजाबाद, आशीष सिंह राठौर अधिवक्ता मथुरा, राजीव शर्मा विद्युत् विभाग वृन्दावन, विकास शर्मा विद्युत् विभाग मथुरा एवं जगदीश शर्मा फिरोजाबाद आदि ने सम्मेलन की सफलता के लिये विचार व्यक्त किये।
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