डाॅ योगमाया के निधन पर विद्यापति सेवा संस्थान ने जताया शोक

मैथिली के मूर्धन्य साहित्यकार पं. चंद्रनाथ मिश्र ‘अमर’ की सुपुत्री एवं डा. रामदेव झा की 72 वर्षीय पत्नी डा. योगमाया झा के निधन पर विद्यापति सेवा संस्थान ने बृहस्पतिवार को शोक जताया। संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने अपने शोक संदेश में उनके निधन को मिथिला-मैथिली के लिए अपूर्णीय क्षति बताते हुए दिवंगत पुण्यात्मा को मिलनसार स्वभाव की साहित्य प्रेमी मैथिलानी और मिथिला-मैथिली के विकास का समर्पित हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व के लिए वे आम मिथिलावासी के दिल में हमेशा जीवंत बने रहेंगी।
मैथिली साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने कहा कि उनके निधन से मिथिला-मैथिली के विकास के लिए सतत चिंतनशील रहने वाली हितचिंतक हमसे सदा के लिए जुदा हो गयी। संस्थान के सचिव प्रो जीवकांत मिश्र ने साहित्यकार पिता व पति के कृतित्व में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
वरिष्ठ साहित्यकार मणिकांत झा ने उन्हें सादगीपूर्ण जीवन जीने वाली मिथिला-मैथिली के विकास का समर्पित गृहिणी बताया। मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने कहा कि अपनी शोध-कृति ‘मैथिली साहित्यमे गंगा’ के लिए वे सदैव याद की जाएंगी। महात्मा गाँधी शिक्षण संस्थान के चेयरमैन हीरा कुमार झा ने उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। संवेदना व्यक्त करने वाले अन्य लोगों में हरिश्चंद्र हरित, डॉ गणेश कांत झा, विनोद कुमार झा, प्रो विजयकांत झा, प्रो चंद्रशेखर झा बूढा भाई, डॉ उदय कांत मिश्र, आशीष चौधरी, मेघानंद झा आदि शामिल हैं।
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