उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया। अबतक के राहत और बचाव कार्य के दौरान चमोली जिला पुलिस ने 14 शव मिलने की पुष्टि की है।

बताया जा रहा है कि अभी भी 125 से अधिक लोग लापता हैं। रात में भी बचाव कार्य जारी रहा। नुकसान का आकलन जारी है। सुबह तड़के चार बजे से एक बार फिर बचाव कार्य शुरू हो गया है। सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनमें काफी लोग फंसे हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपये की सहयोग राशि देगी। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। वैश्विक नेताओं ने घटना पर गहरा दुख जताया है।
आपदा में लापता हुए करीब 203 लोग, जिनमें से 11 शव बरामद
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लगभग 203 लोग आपदा में लापता हुए हैं। जिनमें से 11 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। हमें कल तक एक सहायक कंपनी के प्रोजेक्ट तपोवन के बारे में पता नहीं था। हम यह मानकर चल रहे हैं कि दूसरी सुरंग में 35 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है।
सोमवार दूसरे दिन जारी राहत बचाव कार्य के तहत एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस की टीम श्रीनगर बांध के आसपास लापता लोगों की खोज में लगी हुई है.
भारतीय सेना का कहना है कि इंजीनियरिंग टास्क फोर्स सहित सेना के कर्मियों के प्रयासों के बाद सुरंग का मुंह साफ कर दिया गया है। जनरेटर और सर्च लाइट लगाकर रात भर काम जारी रखा गया। घटना स्थल पर फील्ड अस्पताल मेडिकल सहायता देते रहे। सोमवार की सुबह पहली रोशनी के साथ ही वायु सेना के विमान राहत बचाव टीम की सहायता कर रहे हैं। हिमस्खलन के खतरे का पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि लगभग 170 लोग लापता हैं। आईटीबीपी ने कल एक सुरंग से 12 लोगों को बचाया, ये 30 लोग एक अलग सुरंग में फंसे हुए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में बचाव अभियान चल रहा है। यदि आवश्यकता पड़ी तो और टीमें भेजी जाएंगी, हम पहले सुरंग से लोगों को बचाकर बाहर निकाल रहे हैं।’
15 व्यक्तियों को किया गया रेस्क्यू
चमोली पुलिस ने कहा, टनल में फंसे लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी। जेसीबी की मदद से टनल के अंदर पहुंच कर रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कुल 15 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया है एवं 14 शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए हैं।
बिहार के सहरसा जिले में गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करते निजी शिक्षक सह कोचिंग संचालक एक साल से नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना रहा था। इस बीच जब 15 वर्षीय छात्रा गर्भवती हुई तो आरोपी शिक्षक ने मेडिकल दुकान से गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद छात्रा की स्थिति गंभीर हो गई तो शिक्षक का भेज खुला। इस बीच जहां छात्रा को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके बयान पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दुष्कर्मी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
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