तीन दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का डीएम ने किया उद्घाटन
ग्राहक

संतुष्टि एवं बेहतर सेवा हीं एक अच्छे बैंक की पहचान-डी एम
दरभंगा, 10 से 12 फरवरी 2021 तक होटल द्वारका इंटरनेशनल, दरभंगा के सभागार में नाबार्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ0 त्यागराजन एसएम के कर कमलों से दीप प्रज्वलन कर किया गया। उद्घाटन समारोह में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, एसडीसी बैंकिंग राहुल कुमार, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक राघवेंद्र कुमार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबन्धक प्रमोद सहस्त्रबुधे, पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक मणि नाथ झा, जिला अग्रणी प्रबंधक अजय कुमार, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक रविंदर कुमार उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाबार्ड द्वारा बैंकिंग स्टाफ हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामान्यतः इस तरह का गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम बैंकों की प्रशिक्षण ईकाईयों द्वारा हीं आयोजित किए जाते हैं। उन्होंनें कहा कि वर्तमान समय में ग्राहक संतुष्टि एवं बेहतर ग्राहक सेवा हीं एक अच्छे बैंक की पहचान होती है। ऐसे में विभिन्न योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर हीं ग्राहकों को उत्कृष्ट सेवा प्रदान की जा सकती है। ऐसे में आये हुए प्रशिक्षणार्थियों से यह अपेक्षा की जाती है कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सकारात्मक सहभागिता के साथ अपना ज्ञानवर्धन करें एवं बेहतर बैंकिंग सेवा के आयाम बनें, ताकि जनता को
बिना किसी अवरोध के बैंकिंग सेवा प्रदान की जाए तथा जिला के सी डी रैशियो( साख- जमा अनुपात) को सुधारा जा सके।
उप विकास आयुक्त तनय सल्तानिया ने नाबार्ड के इस पहल को उत्कृष्ट पहल बताया और बैंकर्स को इसका अधिकतम उपयोग अपने क्रियाकलाप में करने हेतु प्रेरित किया। उन्होने कहा कि आज के समय में विकास के लिए ऋण की जरूरत है। उन्होंने बैंकों से अनुरोध किया कि योग्य लभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि समाज का उत्थान हो सके।
कार्यक्रम की शुरूआत में आये हुए सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत करते हुए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आकांक्षा ने इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि संस्थागत विकास नाबार्ड के प्रमुख कार्यकलापों में से एक है। ऐसे में प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य है कि बैंककर्मी में जागरूकता हो और उन्हें सभी बैंकिंग योजनाओं की अद्यतन जानकारी हो, ताकि ग्राहकों को उनके माध्यक से बेहतर सेवा मुहैया करायी जा सके।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से हर्ष पूर्वक इस बात को साझा किया कि इस तरह के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नाबार्ड द्वारा बिहार के 6 जिलों में ही आयोजित किया गया है, जिनमें से दरभंगा एक है। सामान्यतः इस तरह का प्रशिक्षण नाबार्ड की प्रशिक्षण संस्थाओं के द्वारा हीं मुहैया कराया जाता है, परंतु स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने का यह उदेश्य है कि जिला स्तर पर अधिकाधिक बैंकिंग स्टाफ इससे लाभान्वित हों ।
उन्होंने यह बताया कि जहाँ पहले और तीसरे दिन के प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) / स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), कृषि आधारभूत संरचना, कृषक उत्पादक संगठन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्ड अप योजना, अन्य बैंकिंग योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाओं एवं इससे संबंधित दिशा निर्देशों के संबंध में सैद्धांतिक चर्चा की जाएगी। वहीं प्रशिक्षण के दूसरे दिन विभिन्न विभागों द्वारा संचालित राज्य सरकार की सब्सिडी योजना तथा बैंक से संबन्धित जानकारी दी जाएगी। साथ ही नाबार्ड विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समर्थित कुछ संस्था अपने अनुभव साझा करेंगे और बताएँगे की अब उन्हें बैंकों से कैसी सहायता अपेक्षित है।
प्रतिभागियों को संबोधित करते जिला अग्रणी प्रबंधक ने नाबार्ड द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। इसके साथ हीं उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान समय में बैंकों में ऋण प्रवाह को सुनिश्चित करने हेतु यह आवश्यक है कि बैंकों द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण वितरण में दिलचस्पी दिखायी जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त देयता समूह, स्वयं सहायता समूह विशेषतः जीविका द्वारा संवर्धित, मुद्रा ऋण एवं स्टैण्ड अप इंडिया के तहत ऋण वितरण को सरकार ने थ्रस्ट एरिया के रूप में चिह्नित किया है। ऐसे में बैंकों से यह उम्मीद की जाती है कि बैंकिंग स्टाफ द्वारा योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर प्रभावी तरीके से इन योजनाओं में ऋण प्रवाह को सुनिश्चित किया जाए ।
कार्यक्रम के दौरान सभी बैंको के क्षेत्रीय प्रबन्धक ने आश्वासन दिया कि उनके बैंको द्वारा सभी सहयोग प्रदान किए जाएंगे, ताकि जिले के ऋण प्रवाह को बढ़ाया जा सके। उन्होंने सभी प्रतिभागियो से अच्छे से प्रशिक्षण लेने का अनुरोध किया, ताकि उनके शाखाओं के प्रदर्शन को और भी सुधारा जा सके। जिले के सभी बैंको के प्रभारियों ने यह आस्वाश्त किया कि वो नाबार्ड और सभी सरकारी विभागों के सहयोग से प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में ऋण प्रवाह को बढ़ाने का प्रयास करेंगे जिससे जिले के साख- जमा अनुपात को बढ़ाया जा सके ।
कार्यक्रम के दौरान डीडीएम, नाबार्ड द्वारा प्रजेन्टेशन एवं चलचित्र के माध्यम से जेएलजी, एसएचजी, एडीएस, एआईएफ, इत्यादि योजनाओं व नीति निर्देशों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी एवं इस बात पर जोर दिया गया कि जहाँ एक ओर इन योजनाओं के माध्यम से समाज के निम्नतम स्तर से जुड़े लोगों का सतत आय सुनिश्चित किया जा सकता है वहीं बैंकों द्वारा वार्षिक ऋण प्रवाह में भी बेहतर प्रदर्शन परिलक्षित होगा।
प्रतिभागियों में मुख्यतः दरभंगा जिले के भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक तथा इंडियन ओवेरसीस बैंक की शाखाओं के शाखा प्रबन्धक शामिल थे।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal