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वाजिदपुर में डा अंबेदकर मॉडल स्कूल का डीएमसीएच के पूर्व अधीक्षक ने किया उद्घाटन

वाजिदपुर में डा अंबेदकर मॉडल स्कूल का डीएमसीएच के पूर्व अधीक्षक ने किया उद्घाटन

अल्पसंख्यक,दलित एवं पिछड़े मोहल्ले में अंबेदकर स्कूल जलाएगा शिक्षा का दीप- डा राज रंजन

प्राथमिक शिक्षा बच्चों में संस्कार,आत्मविश्वास व काबिलियत हासिल कराने में सक्षम- डा इंसान अली

Ajit KUMAR SINGH

 

एनएसएस शिविर के दौरान वाजिदपुर में विद्यालय की स्थापना मोहल्ले की बड़ी उपलब्धि- डा अंजू
नेक इरादा,दृढ़ इच्छाशक्ति तथा अदम्य उत्साह से किया गया कार्य अवश्य सफल होता है।विद्यालय संस्कार एवं चरित्र-निर्माण की प्रयोगशाला होती है जो ज्ञान की रोशनी तथा मानवीय प्रगति का सृजन करता है।विद्यालय बच्चों के सपनों को पंख तथा अभिभावकों के श्रमफल को मूर्त रूप प्रदान करता है। शिक्षा हमें संवेदनशील इंसान बनाती है तथा भीड़ से अलग हमें पहचान दिलाती है।उक्त बातें डीएमसीएच के पूर्व अधीक्षक एवं ख्यात समाजसेवी डा राज रंजन प्रसाद ने सी एम कॉलेज, दरभंगा द्वारा गोद लिए गए पिछड़े,अल्पसंख्यक एवं दलित बाहुल्य मुहल्ला वाजिदपुर-किलाघाट,दरभंगा में डॉ अंबेदकर मॉडल स्कूल का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कहा।उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों में “सत्यम्,शिवम् एवं सुंदरम्” की उच्च भावना को जगाता है।यदि समाज को खुशहाल तथा राष्ट्र को समृद्ध बनाना है तो शिक्षा के दीप को जागृत रखना ही होगा,क्योंकि शिक्षा ही हममें संवेदना,राष्ट्रभक्ति तथा प्रगति का भाव जगाती है।उन्होंने स्कूल संचालक को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह स्कूल निश्चय ही समाज में शिक्षा का अलख जगाएगा तथा प्रगति की गाथा लिखेगा।
सम्मानित अतिथि के रूप में मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलसचिव तथा मिल्लत कॉलेज के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डा इंसान अली ने कहा कि शिक्षा का समग्र उद्देश्य मानव को सामर्थ्यवान तथा समाजोपयोगी बनाना है।स्वास्थ्य शिक्षा-व्यवस्था से ही कुशल,संस्कारित तथा राष्ट्रभक्त युवा पीढ़ी का निर्माण संभव है।जैसी प्रारंभिक तालीम होगी,वैसे ही इंसान तैयार होंगे।बच्चे विद्यालय से शिक्षित होकर मानवीय विकास के पथ पर अग्रसर होते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कोयलास्थान उच्च विद्यालय, दरभंगा की विज्ञान शिक्षिका डा अंजू कुमारी ने कहा कि शिक्षा हमारे जीवन का मूल आधार है जो हमारी हर सफलता की कुंजी है।स्कूल ही बच्चों में रचनात्मकता व कलात्मकता का भाव विकसित करता है।शिक्षा कैरियर की सीढ़ी ही नहीं, बल्कि जिंदगी को समृद्ध बनाने तथा आदर्श मानव बनाने का जरिया भी है।
मुख्य वक्ता के रूप में सी एम कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया ने कहा कि शिक्षा से बच्चे आत्मविश्वासी एवं स्वावलंबी बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं तथा कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होते हैं।यह हमारी कार्यकुशलता बढ़ाती है तथा हमारा सर्वांगीण विकास करती है।आशा है इस स्कूल की स्थापना से वाजिदपुर समाज की प्रगति तीव्र होगी।
स्कूल के उद्घाटन सत्र को सचिव डा प्रेम कुमारी,वार्ड पार्षद गीता देवी,डा विजय कुमार पासवान,प्रो रितिका मौर्या,रामदास बिहारी,सुरेश पासवान,जानकी पासवान, राजकुमार गणेशन, त्रिलोकनाथ चौधरी आदि ने संबोधित किया।
आगत अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया।स्वागतगान एनएसएस स्वयंसेविका आस्था निगम ने प्रस्तुत किया,जबकि शिवम कुमार झा,आलोक ठाकुर, चंदेश्वर पासवान आदि ने उसका साथ दिया।मोहक राधाकृष्ण-गीत की प्रस्तुति अशोक भगत ने की।एनएसएस पदाधिकारी प्रो अखिलेश कुमार राठौर के संचालन में आयोजित उद्घाटन सत्र में आगत अतिथियों का स्वागत सचिव डा प्रेम कुमारी तथा धन्यवाद ज्ञापन स्कूल के निदेशक उमाशंकर पासवान ने किया।
वहीं विशेष शिविर के प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों ने वाजिदपुर में घर-घर जाकर लोगों से कोरोना-बचाव हेतु विभिन्न उपायों के साथ ही उचित तरीके से हाथ धोने तथा बाहरी चीजों को अनावश्यक न छूने की प्रेरणा दी। जबकि भोजनोपरांत अंतिम सत्र में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें गायन,वादन,कविता-पाठ तथा हास्य-व्यंग रचनाओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने लोगों का मन मोह लिया।

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