Breaking News

मधुबनी कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर से वैक्सीनेशन तक डटे हैं जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील

कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर से वैक्सीनेशन तक डटे हैं जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील”

-स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन के कड़ी के रूप में कर रहे कार्य

 

Edit ;- ajit kumar singh

 

मधुबनी वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में जिला एवं अनुश्रवण मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील कुमार के लिए अस्पताल ही घर बना रहा और मरीज परिवार के सदस्य। सुनील ने मधुबनी सदर अस्पताल में 2 मार्च 2020 को जिला एवं अनुश्रवण मूल्यांकन पदाधिकारी के पद पर योगदान दिया था। योगदान देते ही उनका सामना कोरोना संक्रमण के उस दौर से हुआ जब लोग घरों में कैद थे। वे कोरोना काल में 24 घंटे लोगों की सेवा से लेकर सरकार और जिला प्रशासन को प्रतिदिन रिपोर्ट भेजने के अलावा आइसोलेशन सेंटर और प्रवासी मजदूर के ठहराव स्थल का मुआयना करते रहे। यही वजह है कि पूरे कोरोना काल में सुनील ने एक दिन भी अवकाश नहीं लिया। जिले में कोरोना के दस्तक देने से पहले ही लॉक डाउन हो गया लेकिन पहली बार जिले में तीन कोरोना मरीज मिलने के बाद एक भय का माहौल बनने लगा। स्वास्थ्य महकमा जिला प्रशासन हरकत में आ गया जिसमें अहम कड़ी के रूप में सुनील ने योगदान दिया। सुनील के हौसले पहले से ही मजबूत थे। यही वजह रही कि उन्होंने कोरोना काल में एक कदम पीछे नहीं हटे सुनील ने बताया 16 जनवरी से टीकाकरण की शुरुआत हुई है। पोर्टल नहीं काम करने पर रात भर जागकर पोर्टल के अपडेशन का कार्य किये | साथ ही लाभार्थी सूची बनाते थे जिसके बाद लोगों का टीकाकरण होता था| जिसका नतीजा यह है कि मधुबनी जिला पूरे बिहार में टीकाकरण में प्रथम स्थान पर है।

परिवार से दूर रह कर पॉजिटिव आए मरीजों के कांटेक्ट ट्रेसिंग करने का किया कार्य:
सुनील बताते है कि वे कोरोना संक्रमण काल में अपने परिवार से नहीं मिले हैं। जब कोरोना संक्रमण की बात सामने आई, तब से सब कुछ भूलकर कोरोना संक्रमित के बचाव कार्य में लगे रहे थे। बताया जो मरीज संक्रमित पाए जाते थे उनके पिछले 14 दिनों में संपर्क में आए लोगों की सेंपलिंग सुनिश्चित करवाना, प्रतिदिन डाटा विश्लेषण कर जिला पदाधिकारी एवं राज्य को सुपुर्द करना, सैंपल की डिकोडिंग करना आदि कार्य करते हैं। पॉजिटिव आए मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध करवाना तथा उसे भर्ती करना, आइसोलेशन वार्ड में भी पॉजिटिव मरीजों का समय समय पर सैंपलिंग सुनिश्चित करवाना, सैंपल रिजल्ट नेगेटिव आने पर डिस्चार्ज करवाना, आदि सुनील की दिनचर्या है। कोरोना संक्रमण के दौर में छुट्टी क्यों नहीं ली पूछने पर बताया हम ही छुट्टी पर चले जाएंगे तो फिर मरीज का क्या होगा। पहले मरीज हमारी प्राथमिकता है, उसके बाद घर।

जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील का मिला बेहतर सहयोग :
सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने कहा कि कोरोना से निपटने में जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील का बेहतर सहयोग मिला। उनका कार्य सराहनीय है। विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग एवं संक्रमित को आइसोलेशन में भर्ती करवाना व फील्ड स्तर पर सैंपलिंग करवाने में बेहतर सहयोग मिला। जिला स्वास्थ्य विभाग की सभी टीम तथा सहयोगी संस्था काफी सक्रिय हैं। जिले की स्वास्थ टीम कोरोना को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।

Check Also

• दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्रों के प्रस्ताव हेतु राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक… 

🔊 Listen to this • दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्रों के …