कोरोना की लहर से बच्चों को बचाने में मददगार है तुलसी का काढ़ा
•बच्चों को दें पोषणयुक्त आहार व साफ सफाई का रखें ख्याल
•बच्चों को कराएं फिज़िकल एक्टिविटी व योग
•बच्चों के क्रियाकलापों पर रखें नज़र, रहें सचेत

दरभंगा कोरोना वायरस समाप्त नहीं हुआ है। केवल संक्रमण की दर में कमी आयी है। कोरोनावायरस की दूसरी लहर के बाद अब कोरोना की तीसरी लहर का डर सताने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है। हालांकि अभी तक इसके कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आए है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ विनय कुमार ने कहा तीसरी लहर में बच्चे में संक्रमण हो सकते हैं, इसलिए बच्चों की हिफाजत करना बेहद जरूरी है। बच्चों को इस बीमारी से बचाना है तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत करना होगा, ताकि वो इस बीमारी का सामना कर सकें। बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को तुलसी का काढ़ा पिलाएं । इस दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर निकट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सम्पर्क करें। बिना चिकित्सक की सलाह से कोई भी दवा न लें। डॉ कुमार ने कहा ऐसा देखा जाता है कि घर में बीमार होने पर तुरंत निकट की दवा दुकानदार या झोला छाप डॉक्टर से सम्पर्क किया जाता है। यह नुकसानदायक साबित हो सकता है। किसी भी स्थिति में घबराने की ज़रूरत नहीं है। घर में हमेशा बच्चों पर नज़र रखें व सतर्क रहें। साथ ही बच्चों को पोषणयुक्त आहार और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
औषधीय गुण से भरपूर है तुलसी:
डॉ कुमार ने कहा औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी में विटामिन और खनीज प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। तुलसी ना सिर्फ इम्ययुनिटी को बूस्ट करती है बल्कि कई बीमारियों का उपचार भी करती है। तुलसी के पत्तों का सेवन करके बुखार, दिल से जुड़ी बीमारियां, पेट दर्द, मलेरिया और बैक्टीरियल संक्रमण से भी निजात मिलती है। तुलसी सिर दर्द और सर्दी खांसी से भी निजात दिलाती है। इतनी गुणकारी तुलसी का सेवन करके बच्चों में इम्ययुनिटी को बूस्ट किया जा सकता है। तुलसी की पत्तियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के गुण मौजूद होते हैं। अगर इसका काढ़ा के रूप में सेवन किया जाए तो इसके सकारात्मक फायदे देखने को मिलते हैं।
तुलसी काढ़ा सामग्री:
तुलसी की चार पत्तियां
काली मिर्च
अदरक के छोटे टुकड़े
शहद
तुलसी की पत्तियों, काली मिर्च और अदरक को एक कटोरी में एक साथ पीस लें, और इसे एक कप पानी में उबालें और फिर शहद मिलाकर बच्चों को पिलाएं।
तुलसी और शहद की चाय:
आप चाहें तो तुलसी और शहद की चाय भी बच्चों को पिला सकते हैं। तुलसी में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं, जो बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। आयुष मंत्रालय भी इम्ययुनिटी बढ़ाने के लिए तुलसी का सेवन करने की सलाह दे चुका है।
बच्चों को कराएं फिज़िकल एक्टिविटी व योग
डॉ कुमार के अनुसार कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा बच्चों की जिंदगी प्रभावित हुई है। उनकी पढ़ाई-लिखाई, खेल-कूद और दोस्तों के साथ मस्ती सब पर कोरोना का पहरा लगा हुआ है। पिछले डेढ़ सालों से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, उनकी फिजिकल एक्टिविटी भी कम हो रही है, जिसका नतीजा बच्चों में बढ़ते मोटापे के तौर पर देखा जा रहा है। बच्चों को फिटनेस एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिल रहा, बच्चे पूरा दिन मोबाइल और टीवी के साथ गुजार रहे हैं जिससे उनका वज़न तेज़ी से बढ़ रहा है। बच्चों में मोटापा, सुस्ती और उदासी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इस मुश्किल वक्त में योग और एक्टिविटी में सुधार करके बच्चों के मोटापे को कंट्रोल किया जा सकता है, साथ ही उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है। बच्चों के मोटापे को कंट्रोल करने के लिए वृक्षासन बेहद उपयोगी है।
सदैव कोरोना प्रोटोकॉल का करें अनुपालन
कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार के साथ ही विभागीय प्रोटोकॉल का अनुपालन करें। मास्क पहनें । हाथ को लगातार साबुन से साफ करें। बिना ज़रूरत के बाहर न निकलें । अतिआवश्यक होने की स्थिति में ही बाहर निकलें । भीड़ भाड़ में न जाएं । लाकडाउन समाप्त के बावजूद सतर्कता ज़रूरी है। कोरोना का खतरा बरकरार है। हर हाल में कोरोना से बचाव के लिए टीका ज़रूर लें।
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