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सी एम कॉलेज के एलुमिनाई ई.बी पी चौरसिया की सुपुत्री डा अंजू कुमारी ने कॉलेज को दिया 51,000 रुपये का सहयोग ajit कुमार सिंह की रिपोर्ट

सी एम कॉलेज के एलुमिनाई ई.बी पी चौरसिया की सुपुत्री डा अंजू कुमारी ने कॉलेज को दिया 51,000 रुपये का सहयोग

महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र स्व बी पी चौरसिया के व्यक्तित्व व कृतित्व पर आयोजित हुआ स्मृति व्याख्यान

ई बी पी चौरसिया सरलता, कर्मठता तथा सकारात्मकता के प्रतिमूर्ति- डा अंजू कुमारी

कर्तव्यनिष्ठ,निर्अहंकारी तथा सामाजिक व्यक्तित्व के धनी इंजीनियर चौरसिया हम सब के आदर्श व प्रेरक- डा चौरसिया

आज का व्याख्यान एवं एलुमनाई एसोसिएशन हेतु दानशीलता भावात्मक और ऐतिहासिक- प्रो विश्वनाथ

सी एम कॉलेज,दरभंगा के पूर्ववर्ती छात्र इंजीनियर बी पी चौरसिया गुदड़ी के लाल थे, जिन्होंने इस महाविद्यालय से इंटर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्णता प्राप्त कर तकनीकी शिक्षा धनबाद से ग्रहण की तथा टिस्को जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में डिविजनल मैनेजर के रूप में अपने सराहनीय कार्य कर महाविद्यालय तथा समाज का नाम रोशन किया। टिस्को माइंस में अधिकारी के रूप में उन्होंने भूटान, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल तथा झारखंड प्रांत के अनेक माइंस-क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं अनुकरणीय कार्य करते हुए अनेकानेक बार सम्मानित हुए। वे अपने सहकर्मियों को पारिवारिक सदस्य मानते हुए स्नेह पूर्वक विश्वास रखते थे। इंजीनियर बी पी चौरसिया सरलता,कर्मठता तथा सकारात्मकता के प्रतिमूर्ति थे। उक्त बातें सी एम कॉलेज, दरभंगा के स्थापना दिवस समारोह- 2021 के अंतर्गत महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र इंजीनियर बी पी चौरसिया की स्मृति में आयोजित व्याख्यान में उनकी सुपुत्री डा अंजू कुमारी ने कहा।
इस अवसर पर डा अंजू कुमारी ने अपने पिता की स्मृति में महाविद्यालय के एलुमिनाई एसोसिएशन हेतु ₹51,000 का प्रथम महत्वपूर्ण सहयोग देते हुए कहा कि मेरे पिता को अपने उच्च पदस्थ होने का कभी भी घमंड नहीं रहा। वे जहां भी कार्य किए सर्वत्र सबके प्रिय एवं विश्वासी बने रहे। उनमें स्थिति को समझने तथा वास्तविक को कहने और स्वीकारने की अद्भुत क्षमता थी। वे हमेशा दूसरों की भावनाओं व जरूरतों को प्राथमिकता दी। अनुभवों के खजाना के रूप में उनकी सहजता व सरलता सबको अत्यधिक भाती थी। धरती के लाल के रूप में फर्श से अर्श तक पहुंचने के क्रम में उन्होंने हर विषम स्थिति-परिस्थिति का बखूबी सामना किया। अपने निजी दुःख-दर्द एवं कठिनाइयों को भुलाकर उन्होंने जीवन भर दूसरों के बीच खुशियां बांटी। उनका अपने महाविद्यालय एवं समाज से अत्यधिक लगाव था और आवश्यकता वश हमेशा मदद तो तत्पर रहते थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आर के कॉलेज, मधुबनी के प्रधानाचार्य डा अनिल कुमार मंडल ने कहा कि किसी भी संस्था के लिए एलुमिनाई महत्वपूर्ण धरोहर होते हैं। छात्र शिक्षकों से ही सीखते हैं और अपने चरित्र व व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उनके द्वारा भी अपनी संस्था के प्रति दायित्व का निर्वहन करना महत्वपूर्ण होता है।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कहा कि इंजीनियर बी पी चौरसिया की स्मृति में दिया गया आज का व्याख्यान एवं एलुमिनाई एसोसिएशन हेतु ₹51,000 का प्रथम महत्वपूर्ण सहयोग राशि भावात्मक एवं ऐतिहासिक है। उन्होंने इस सुमति के लिए इंजीनियर चौरसिया की पुत्री डा अंजू कुमारी तथा दामाद डा आर एन चौरसिया की प्रशंसा करते हुए महाविद्यालय की ओर से उन्हें धन्यवाद दिया तथा कहा कि यह इंजीनियर चौरसिया के संस्कार का ही सराहनीय परिणाम है।
व्याख्यान में महाविद्यालय के एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेंद्र श्रीवास्तव, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डा जिया हैदर, राजनीति विज्ञान की प्राध्यापिका प्रो दिव्या झा, मिल्लत कॉलेज की मनोविज्ञान-प्राध्यापिका डा कीर्ति चौरसिया तथा महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव डा रूपेन्द्र झा,प्रधान सहायक विपिन कुमार सिंह आदि उपस्थित थे। आगत अतिथियों का स्वागत एवं संचालन करते हुए संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ, निर्अहंकारी तथा सामाजिक व्यक्तित्व के धनी इंजीनियर बी पी चौरसिया सदा हम सबके आदर्श एवं प्रेरक बने रहेंगे। उनके व्यक्तित्व व कृतित्व से छात्रों को सीख लेकर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए। धन्यवाद ज्ञापन इग्नू के सहायक समन्वयक डा शिशिर कुमार झा ने किया।

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