ग्रामीण कार्य विभाग मे आउटसोर्सिंग पर बहाली बंद हो:बेसा
बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ के महासचिव डा सुनील कुमार चौधरी ने ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग पर बहाली की योजना पर कडी प्रतिक्रिया देते हुए इसे बिहार के विकास के साथ मजाक बताया है एवं इस पर अविलंब रोक लगाने की मांग की है।

डा चौधरी ने बताया कि जानकारी के अनुसार अन्य पदो के अलावा मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पदो को भी ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा आउटसोर्स करने की तैयारी चल रही है जो आश्चर्यजनक,निराशाजनक एवं खेदजनक है।उन्होने बताया कि विभाग का यह कदम बिहार को देश के तकनीकी मानचित्र पर अदृश्य शक्तियो द्वारा हाशिए पर ढकेलने की सुनियोजित तैयारी है।उन्होने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिन अभियंताओ के बल पर बिहार के विकास का डंका देश और दुनिया मे बजा,आज उन्ही पदो को आउटसोर्स करने की तैयारी ऐसी अदृश्य शक्तियो द्वारा की जा रही है जिन्हे कोई तकनीकी शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त नही है।उन्होने बताया कि एक तरफ इससे कर्मियों में भविष्य के प्रति असुरक्षा की भावना पैदा होगी ।वहीं दूसरी ओर कार्य के प्रति जबाबदेही कम होने के कारण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होने की सम्भावना बनी रहेगी जो कहीं न कहीं राज्य के विकास को प्रभावित करेगा। राज्य में जहां एक तरफ हजारों अभियंता के पद खाली हैं जिससे अभियंता कार्य बोझ तले दबे हुए हैं एवं विषम परिस्थितियों में भी कार्य करने को मजबूर हैं। वही दूसरी तरफ आउटसोर्सिंग पर नियुक्ति करने की नीति लाकर बेरोजगार युवाओं के सामने सरकार ने एक अजीबोगरीब समस्या खड़ी कर दी है जो बिहार में हो रहे विकास के साथ खिलवाड़ है। डा चौधरी ने कहा कि अदृश्य शक्तियों द्वारा सभी सेवाओं को संविदा सेवा बनाने की तैयारी चल रही है जो बिहार और बिहारियो के हित में नहीं है। सरकार के इस तरह की नीति से प्रतिभा पलायन बढेगा। सरकार परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थाओ से ससमय परीक्षा आयोजित करवाने मे असफल रही है।स्थायी पदो की संख्या बढाने,स्थापित नियमो के तहत नियोजन प्रक्रिया को मजबूत एवं द्रुत गति देने के बजाय सरकार द्वारा नियोजन प्रक्रिया में नये नये प्रयोग बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है जिससे राज्य का विकास तंत्र बुरी तरह प्रभावित होगा। दिन रात मिहनत कर राज्य को विकास के पथ पर ले जाने वाले अभियंताओ को नियमित एवं क्रियाशील प्रोन्नति देने के बजाय विभाग इन पदो को आउटसोर्स कर अभियंताओ को प्रताड़ित करने की एक नई विधा की शुरुआत करने जा रही है।डा चौधरी ने बताया कि सरकार यह स्पष्ट करने मे विफल रही है कि अभियंताओ का आउटसोर्सिंग आधारित नियोजन बिहार को कैसे बेहतर विकास कर सकेगा?उन्होंने सरकार से किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले कोर सेक्टर के पदो को आउटसोर्स करने की इफेक्टिवनेस की गहन समीक्षा एवं इस पर सामाजिक बहस की भी मांग की ताकि बिहार के विकास को प्रभावित होने से बचाया जा सके।अगर प्रगति के पथ पर बढते हुए बिहार को विकाश का एक नया इतिहास रचना है तो प्रति वर्ष बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा मूल पद पर नियत समय पर नियुक्ति करनी होगी एवं ऊपर के पदों पर नियमित एवं क्रियाशील प्रोन्नति की प्रक्रिया अविलंब शुरू करनी होगी ।उन्होने कहा कि बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ सरकार के आउटसोर्सिंग आधारित नियोजन के इस तरह के रवैये का विरोध करता है।एवं अगर यही रवैया जारी रहा तो अभियंता आन्दोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal