मिथिला लोकमंथन, चेतना (प्रज्ञा प्रवाह) उत्तर बिहार प्रांत के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम सह सम्मान समारोह का आयोजन कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री शशि नाथ झा कुलपति कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ने कहा कि मिथिला लोकमंथन के द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के कार्यक्रम निश्चय ही मिथिलांचल को एक नई पहचान प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मिथिला लोकमंथन स्थानीय कलाकारों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के विद्याओं का प्रशिक्षण और रूपांतरण करवा रही है वह प्रशंसनीय है। साथ ही उन्होंने मिथिला लोकमंथन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि मिथिला लोकमंथन नाम से ही विदित है कि मिथिला के कलाओं का मंथन। जिससे एक विशेष प्रकार के खुशबू निकल कर आ रही है।
वहीं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जीवेश मिश्रा,श्रम संसाधन मंत्री, बिहार सरकार ने कहा कि वास्तव में इस प्रकार का कार्यक्रम मिथिलांचल में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साथ मिथिला पेंटिंग,मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, आर्ट क्राफ्ट एवं खेल जैसे रोजगारन्मुखी कार्यों से बच्चों को प्रशिक्षित किया जाता है निश्चय ही इससे स्थानीय युवा रोजगार के क्षेत्र में स्वयं को स्थापित करने का कार्य करेंगे। साथ ही उन्होंने बिहार सरकार के द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के रोजगारन्मुखी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया।
उक्त अवसर पर उद्धघाटन कर्ता के रूप में उपस्थित कृष्ण कांत ओझा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम इतने विषम समयों में इतनी सुगमताओं से करना अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से युवा लाभान्वित होंगे।
वहीं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्रीपति त्रिपाठी ने मिथिला लोकमंथन के ऊपर विशेष प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बैद्यनाथ चौधरी ने मिथिला के संस्कृति पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि मिथिला लोकमंथन निश्चय ही मिथिला से विलुप्त हो रहे धरोहरों एवं संस्कृति का संरक्षण करने में अमूल्य भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में नवोदित कलाकारों के द्वारा अतिथियों के समक्ष स्वागत गान,मिथिला सांस्कृतिक आधारित लोक गान एवं मूक अभिनय से अतिथियों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर मिथिला लोकमंथन में सम्मिलित सभी सहयोगियों को पाग़,चादर और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अपूर्वा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ० कन्हैया चौधरी ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश कुमार झा,हरेंद्र कुमार, विवेक जायसवाल, बिमलेश कुमार,प्रकाशमणिकांत ठाकुर,सूरज मिश्र,पिंटू भंडारी,अर्चना,शालिनी,सुमन कुमार,कोमल,रमा, उज्ज्वला इत्यादि का विशेष योगदान रहा।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal