बाल शोषण मुक्त समाज के निर्माण लिए सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सीतामढ़ी अभियान शुरू
बाल श्रम, बाल तस्करी जैसी सामाजिक कुरीतियों के अधिक शिकार मिथिला क्षेत्र के बच्चे होते हैं
बाल शोषण से मुक्ति के लिए स्वतंत्रता दिवस तक जिला के चिन्हित इलाकों में जन-जन को किया जाएगा जागरूक, साथ ही सरकारी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में दी जाएगी जानकारी

बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा बाल शोषण मुक्त समाज बनाने के लिए सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सीतामढ़ी अभियान की शुरुआत सीतामढ़ी जिला के डुमरा प्रखंड के राजोपट्टी गांव मे बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर की गई है इस अवसर पर सभी ने बाल शोषण मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम ,बाल विवाह, बाल तस्करी जैसी बुराइयों के प्रति लोगों को आगाह और जागरूक करना है साथ ही सरकारी विभिन्न कल्याणकारी योजना परवरिश, बाल सहायता योजना आदि के बारे में लोगों को जानकारी देना ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चे व उनके परिवार लाभान्वित हो सकें एवं एंटी ट्रैफिकिंग बिल हेतु जन को जागरूक करना । सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सीतामढ़ी एक अभियान नहीं, बल्कि डर, चुप्पी, निष्क्रियता और उदासनीता भरी मानसिकता के खिलाफ महायुद्ध है। इस बुराई के खात्मे से ही नए भारत का निर्माण हो सकता है। महात्मा गांधी ने ब्रिटिश हुकूमत से भारत को आजादी तो दिला दी, लेकिन उसका बचपन गुलाम रह गया.बाल मजदूरी के रूप में यह गुलामी आज भी मिथिला क्षेत्र सहित पूरी भारत में जिंदा है. आजाद बचपन की बहाली के लिए जरूरी है कि सबसे पहले लोगों को बाल मजदूरी की बुराईयों के प्रति आगाह और जागरूक किया जाए. सुरक्षित बचपन सुरक्षित सीतामढ़ी के तहत यह विशेष अभियान जिला के विभिन्न चिन्हित इलाकों में स्वतंत्रता दिवस तक चलाया जाएगा। बाल शोषण से संबंधित शिकायत के लिए बचपन बचाओ आंदोलन की टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001027222 फोन करे यह फोन 24 घंटे सेवा के लिए उपलब्ध है। इस अभियान में शिक्षक, ग्रामीण अभिभावक, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि के बढ़ चढ़ कर भाग लेने का आहवान किया गया ताकि हमारा समाज बाल शोषण मुक्त हो सके। मौके पर बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी,बाल संरक्षण समिति के सदस्य रोबिन कुमार, शिव शंकर शर्मा , बाल समिति के सदस्य आदि उपस्थित थे।
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