डा शंभू शरण सिंह ने सी एम कॉलेज एलुमुनाई एसोसिएशन को दिया एक लाख रुपये का सहयोग
सी एम कॉलेज मेरे लिए माता सदृश,मेरे चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में इसका सर्वाधिक योगदान- डा शंभू शरण
आज का दिन महाविद्यालय के लिए ऐतिहासिक,डा शंभू शरण ने उक्त राशि देकर हमारे छात्रों के लिए बने प्रेरक- प्रो विश्वनाथ

महाविद्यालय एलुमुनाई एसोसिएशन का पंजीयन अंतिम चरण में, आर्थिक सहयोग की की जा रही है अपील- डा चौरसिया
इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, दरभंगा वरीय क्षेत्रीय निदेशक डा शंभू शरण सिंह ने सी एम कॉलेज,दरभंगा के नवगठित एलुमिनाय एसोसिएशन को ₹1,00000 का सहयोग प्रदान किया। आज पूर्वाह्न डा सिंह महाविद्यालय में आकर स्वेच्छा से उक्त राशि का चेक प्रधानाचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो इंदिरा झा, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डा पी के चौधरी, संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया, डा मयंक श्रीवास्तव, संजीव कुमार, बिंदेश्वर यादव तथा प्रधान सहायक विपिन कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
अपने संबोधन में डा शंभू शरण सिंह ने कहा कि मेरे लिए सी एम कॉलेज माता सदृश है। मेरे चरित्र तथा व्यक्तित्व निर्माण में इस महाविद्यालय का सर्वाधिक योगदान रहा है। मैं इस महाविद्यालय में 1980-82 सत्र में हिंदी प्रतिष्ठा का छात्र रहा हूं। मैं आज जिस पद पर हूं,उसे प्राप्त करने में सी एम कॉलेज परिवार के शिक्षकों का सराहनीय एवं अनुकरणीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के अधिकांश पूर्ववर्ती छात्र काफी ऊंचे पदों पर प्रशासनिक, शैक्षणिक, राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में बेहतरीन काम कर रहे हैं। उन्हें भी इस महाविद्यालय के विकास में भरपूर सहयोग देना चाहिए। ज्ञातव्य है कि डा शंभू शरण सी एम कॉलेज के तत्कालीन हिंदी के प्राध्यापक डा किरण शंकर प्रसाद के निर्देशन में मिथिला विश्वविद्यालय,दरभंगा से पीएच डी की उपाधि प्राप्त की थी।
प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ ने आज के दिन को महाविद्यालय के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए डॉ शंभू शरण सिंह की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा कहा कि ये हमारे महाविद्यालय के छात्रों के लिए प्रेरक हैं। प्रधानाचार्य ने सी एम कॉलेज, दरभंगा के सफल एवं उदार पूर्ववर्ती छात्रों,शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों से भी महाविद्यालय के विकास में अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग करने की अपील की।
डा चौरसिया ने कहा कि सी एम कॉलेज एलुमुनाई एसोसिएशन का पंजीयन अंतिम चरण में है। महाविद्यालय के अन्य पूर्ववर्ती छात्रों, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों से एसोसिएशन हेतु सहयोग की अपील की जा रही है। ज्ञातव्य है कि 1 सप्ताह पूर्व ही महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र इंजीनियर स्वर्गीय बी पी चौरसिया के नाम से उनकी पुत्री डा अंजू कुमारी ने भी ₹51,000 का आर्थिक सहयोग एसोसिएशन को किया है। अन्य कई पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं एवं अन्य व्यक्तियों ने भी सहयोग राशि देने का संकल्प व्यक्त किया है।
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