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दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान  से दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने मुलाकात की।

दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान  से दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने दरभंगा जुड़े से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को मंत्री जी के समक्ष रखा। सांसद ने मिथिला के केंद्र दरभंगा में अवस्थित भारत के दूसरा प्राचीनतम कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने, संविधान के अष्टम अनुसूची में शामिल मैथिली भाषा को केंद्रीय पात्रता परीक्षा CTET में शामिल करने, मिथिला के केंद्र दरभंगा में अवस्थित मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के जीर्णोद्धार हेतु भारत सरकार द्वारा संस्थान को अधिग्रहण करने, डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान को जीर्णोधार करने एवं भारत सरकार द्वारा इसे अधिग्रहण करने का आग्रह किया । सांसद ने कहा कि मिथिला के केंद्र दरभंगा में वर्ष 1960 में कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। यह भारत का दूसरा सबसे प्राचीनतम एवं बिहार का एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय है। यह विश्वविद्यालय अपने स्थापना काल से ही भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के आधारभूत संस्कृत भाषा एवं प्राच्य विद्या के अध्यापन, प्रचार प्रसार एवं संवर्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सांसद ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में संस्कृत को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है, ऐसे में दरभंगा स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देना समय की मांग है। सांसद श्री ठाकुर ने कहा इस विषय को उनके द्वारा लोकसभा में भी उठाया गया था।

श्री ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 20 भाषाओं में किया जाता है। उन्होंने कहा कि मैथिली भाषा संविधान के अष्टम अनुसूची में शामिल है और नई शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया की मैथिली को CTET परीक्षा में शामिल किया जाए।

सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि दरभंगा में अवस्थित मिथिला संस्कृत शोध संस्थान एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है। इस संस्थान में लगभग 12500 हस्तलिखित प्राचीन बहुमूल्य पांडुलिपियां मौजूद है जो पूरे बिहार में सर्वाधिक है। इसके अलावा 27 हजार से अधिक दुर्लभ ग्रंथ एवं उच्चस्तरीय शोध पत्रिकाएं उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इसका समुचित विकास अतिआवश्यक है , इसीलिए भारत सरकार इसका अधिग्रहण कर इसका विकास करें।

सांसद  ठाकुर ने कहा कि दरभंगा में स्थित डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह का एकमात्र तकनीकी संस्थान है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से शिक्षित कर उन्हे आत्म निर्भर एवं सशक्त बना है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति  डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम  द्वारा किया गया था। भारत सरकार शिक्षा के प्रति काफी गंभीर है इसको देखते हुए भारत सरकार इस संस्थान का अधिग्रहण कर इसका जीर्णोधार करें ताकि प्रधानमंत्री  के महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को चरितार्थ किया जा सके।

इसके अलावा सांसद ने मिथिला केंद्र दरभंगा में तकनीकी एवं प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एनआईटी संस्थान को स्थापित करने का आग्रह किया है। सांसद ने कहा कि दरभंगा, मिथिला व उत्तर बिहार का केंद्र होने के साथ साथ बिहार का प्रमुख शहर भी है। जो कि प्रमंडलीय एवं जिला मुख्यालय होने के साथ-साथ आईजी प्रक्षेत्र भी है। उन्होंने कहा कि मिथिला की कुल आबादी लगभग 8 करोड़ है। दरभंगा में केंद्र एवं राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित और प्रस्तावित है। वर्तमान में यहां दो- दो विश्वविद्यालय, दरभंगा एयरपोर्ट, एयर फोर्स स्टेशन, दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (डीएमसीएच), सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी), जिला एवं सत्र न्यायालय, दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज इत्यादि संस्थान स्थापित है और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित है जिसमें मुख्य रुप से एम्स, आईटी पार्क, तारामंडल इत्यादि शामिल है।
सांसद ने कहा कि दरभंगा मिथिला सहित पूरे उत्तर बिहार में शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। परंतु दरभंगा में उच्चस्तरीय तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थान नही होने के कारण क्षेत्र के बच्चे को देश के अन्य शहरों एवं राज्यों में जाना पड़ता है। ऐसे में भविष्य को मद्देनजर रखते हुए दरभंगा में उक्त सभी संस्थानों की स्थापना अति आवश्यक है।

सांसद श्री ठाकुर ने  मंत्री  से दरभंगा में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण एवं संचालन संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा किया एवं इसको लेकर मांग पत्र भी सौंपा।

सांसद ने कहा कि इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत बेनीपुर और बिरौल अनुमंडल में प्रधानमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने एवं स्थानीय इसके प्रशिक्षण कोर्स में कुछ और ट्रेड को शामिल करने का भी आग्रह माननीय मंत्री जी से किया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का कौशलीकरण सरकार की मुख्य प्राथमिकता है और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रहे कौशल विकास योजना संचालित किया जा रहा है ताकि कौशल भारत, कुशल भारत के सपने को साकार किया जा सके।

सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में देश नित प्रतिदिन विकास के नए आयाम को प्राप्त कर रही है।

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