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एनसीसी एवं एनएसएस के तत्वावधान में सी एम कॉलेज में स्वच्छता सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

एनसीसी एवं एनएसएस के तत्वावधान में सी एम कॉलेज में स्वच्छता सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव के निर्देशन में कैडेटों ने चलाया स्वच्छता अभियान

‘स्वच्छता अभियान : आत्ममूल्यांकन” विषयक ऑनलाइन व ऑफलाइन कार्यक्रम में जुड़े 70 से अधिक छात्र-छात्राएं

मूल्य युक्त शिक्षा व जनआंदोलन से सफल होगा स्वच्छता अभियान- डा शंभू शरण

गांधी के सार्वदेशिक व सार्वकालिक व्यावहारिक स्वच्छता संदेश सदा अनुकरणीय- प्रो विश्वनाथ

स्वच्छता को जाति विशेष से जोड़ना बेमानी, यह हम सब की दिनचर्या में हो शामिल- डा विकास

मनसा, वाचा व कर्मणा एक रहकर स्वच्छता अभियान को करें हम सब साकार- डा राजेन्द्र

स्वच्छता को जीवन- शैली का अभिन्न अंग बनाकर स्वच्छ व स्वस्थ समाज का निर्माण संभव- डा चौरसिया

सी एम कॉलेज, दरभंगा के एनसीसी तथा एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “स्वच्छता अभियान : आत्मूल्यांकन” विषयक ऑनलाइन व ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, दरभंगा के वरीय क्षेत्रीय निदेशक डा शंभू शरण सिंह, मुख्य वक्ता के रूप में इग्नू- समन्वयक डा आर एन चौरसिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में मारवाड़ी कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा विकास सिंह तथा सम्मानित अतिथि के रूप में जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से डा राजेन्द्र कुमार आदि ने महत्वपूर्ण विचार रखे। इस अवसर पर एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव के निर्देशन में कैडेटों ने महाविद्यालय परिसर में सफाई अभियान चलाया,जिसमें अंडर ऑफिसर टाइगर रजक, बैजनाथ राउत, रंजन कुमार यादव, संतोष कुमार गुप्ता, ब्रजकिशोर ठाकुर, मोहम्मद निसार, दीपक कुमार रंजन, आनंद, सुमन, राजू व मो मासूक आदि ने भाग लिया। इस अवसर पर एनसीसी 8 बटालियन से सूबेदार नरेन्द्र श्रेष्ठ व मणि प्रकाश, हवलदार गुरप्रीत व गुरुदेव आदि भी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का प्रारंभ महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पण से हुआ, जबकि कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान- ‘जन मन अधिनायक जय हे’ के सामूहिक गायन किया गया।
अपने संबोधन में डा शंभू शरण सिंह ने कहा कि पहले गुरुकुलों में अलग से स्वच्छता का पाठ नहीं पढ़ाया जाता था, तब भी स्वच्छता के सारे नियमों का पालन होता था और पर्यावरण की भी सुरक्षा होती थी।हम मूल्य युक्त शिक्षा और जनआंदोलन से स्वच्छता अभियान को सफल बना सकते हैं। हमारी शिक्षा-पद्धति में जीवन मूल्यों के गिरावट से अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। हमें आज के दिन संकल्प लेना चाहिए कि हम न तो गंदगी फैलाएंगे और न ही दूसरे को फैलाने देंगे।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कहा कि गांधी के स्वच्छता संदेश सार्वजनिक एवं सार्वकालिक हैं जो पूर्णता व्यावहारिक भी हैं। गांधी अपने आचरणों से देश और विदेश में अनेक सकारात्मक परिवर्तन लाए। हमें स्वच्छता अभियान का बार-बार मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने गांधी एवं शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन दोनों में बाह्याडंबर नहीं था। उनका चरित्र खुली किताब की तरह थी, जिससे हम सदा शिक्षा ग्रहण करते रहेंगे।
विशिष्ट अतिथि डा विकास सिंह ने कहा कि स्वच्छता को जाति विशेष से जोड़ना बेमानी है।हम सबको इसे दिनचर्या में शामिल करना चाहिए, तभी यह अभियान पूर्णतः सफल हो सकेगा। गांधी के जीवन में स्वच्छता का विशेष महत्व था। स्वच्छता से हमारा तन व मन प्रसन्न और पवित्र होता है तथा कार्य क्षमता भी बढ़ती है। हमारे कर्तव्यों में स्वच्छता सबसे प्रमुख होना चाहिए।
सम्मानित अतिथि के रूप में डा राजेन्द्र कुमार ने कहा कि मनसा, वाचा व कर्मना एक रहकर ही हम स्वच्छता अभियान को साकार रूप दे सकते हैं। स्वच्छता प्रतिदिन का कार्य है। हमें पूरे समाज को घर की तरह समझ कर स्वच्छ रखना चाहिए।
मुख्य अतिथि डा आर एन चौरसिया ने कहा कि स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर ही हम स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।अब स्वच्छ भारत अभियान हमारा राष्ट्रीय अभियान बन गया है, जिसका उद्देश्य सड़कों, गलियों व सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना है। आज विश्व में गंदगी के कारण उत्पन्न मच्छरों से फैली बीमारियों से 7,25,000 व्यक्तियों की प्रतिवर्ष मृत्यु होती है। स्वच्छता में ईश्वर का वास माना जाता है। हमें हर स्तर पर स्वच्छता का पालन करना चाहिए। इससे हमारी प्रतिष्ठा भी बढ़ती है, हम स्वस्थ रहते हैं तथा आर्थिक रूप से हम सबल भी होते हैं।
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय से डा राजकुमारी, बेतिया से डा अनिल कुमार, इग्नू के शंभू मंडल व राजकुमार गणेशन, डा वीरेन्द्र कुमार झा, अजीत झा, विनोद, महेश, रोहित, जूही, जफर, कृष्ण मोहन, प्रणव नारायण, रोहित, शशि सोनी, मनोहर काजल, अजय, बालकृष्ण, इंदिरा, पांडव, लवली, अमरजीत, दिव्या शर्मा, विनोद, प्रीति, शशिकांत, मीनू, सुदेश, शालिनी, विष्णु व निरंजन सहित 70 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया।
आगत अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ तथा फूल-माला से किया गया। एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में अतिथि स्वागत एनएसएस इकाई एक के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो रितिका मौर्या ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस इकाई दो के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो अखिलेश कुमार राठौर ने किया।

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