सी एम कॉलेज, दरभंगा में संचालित 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण के 8वें दिन के शिविर का प्रधानाचार्य ने किया शुभारंभ
हमारे ज्ञान का कालजयी व आदि स्रोत संस्कृत भाषा मधुर, आकर्षक एवं अथाह सागर- डा मित्रनाथ
संस्कृत अध्ययन-अध्यापन से चरित्रवान, बुद्धिमान, सुसंस्कृत एवं विशिष्ट जन बनना संभव- प्रो विश्वनाथ
संस्कृत संभाषण शिविर उम्मीद का दीया, जहां से प्रकाश सर्वत्र फैलना संभव- कन्हैया

दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, बेगूसराय, वैशाली, सीतामढ़ी, मधुबनी सहित 10 जिलों के 125 प्रतिभागी शिविर में शामिल- डा चौरसिया
सी एम कॉलेज, दरभंगा के संस्कृत विभाग के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण के आठवें दिन के शिविर का शुभारंभ करते हुए प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कहा कि यदि शिक्षण संस्थाओं में अध्यापन- कार्य कुशलतापूर्वक संपादित हो तो छात्र स्वतः प्रेरित होकर उसमें सहभागी बनते हैं। यह संभाषण शिविर संस्कृत के प्रति लोगों में अत्यंत ही जागृति एवं लगाव का भाव उत्पन्न कर रहा है। संस्कृत भाषा अध्ययन- अध्यापन से चरित्रवान, सुसंस्कृत, बुद्धिमान एवं विशिष्टजन बनना संभव है। प्रधानाचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण विभाग द्वारा सी एम कॉलेज में स्थापित उपकेन्द्र के द्वारा छमाही सर्टिफिकेट कोर्स में नामांकन लिया जा रहा है, जिसमें सहभागी बनकर दसवीं पास कोई भी व्यक्ति अधिक से अधिक लाभ उठा सकते हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, दरभंगा के पूर्व पाण्डुलिपि विभागाध्यक्ष डा मित्रनाथ झा ने कहा कि हमारे ज्ञान का कालजयी व आदि स्रोत संस्कृत भाषा मधुर, आकर्षक एवं अथाह सागर है। आग्नेय भाषा संस्कृत के प्रत्येक शब्द स्वयंसिद्ध हैं। हमें ज्ञान को कहीं से भी सहर्ष स्वीकार कर लेनी चाहिए। डॉ झा ने कहा कि जो बातें संस्कृत में वर्णित हैं, वहीं दूसरी जगह भी हैं और जो संस्कृत में नहीं हैं, वे अन्यत्र भी नहीं हैं।
विशिष्ट वक्ता के रूप में अध्यापक कन्हैया जी ने कहा कि सभी लोक प्रशासनिक परीक्षाओं में संस्कृत अधिकतम अंक प्रदान करने वाला विषय है, जिसके सिलेबस को आसानी से पढ़कर सफलता प्राप्त की जा रही है। सी एम कॉलेज, दरभंगा में संचालित संस्कृत संभाषण शिविर उम्मीद का दीया है, जहां से प्रकाश सर्वत्र फैल रहा है।
शिविर के संयोजक सह संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया ने बताया इस शिविर हेतु 125 प्रतिभागियों ने नामांकन कराया है जो ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से भाग ले रहे हैं, जिनमें दरभंगा, बेगूसराय, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, सहरसा व दिल्ली आदि के प्रतिभागी शामिल हैं।
शिविर के उद्घाटन सत्र को संगीत की प्राध्यापिका डा प्रेम कुमारी, अध्यापक आकाश अग्रज, ऑडिटर सुदिष्ट झा, सामाजिक अजीत कुमार, पूर्व एएसआई उमा पासवान व अध्यापिका डा भारती आदि ने भी संबोधित किया, जबकि जयशंकर, प्रकाश, नरेश, भवेश, काजल, भार्गवी, पूजा, संगीता, रौशनी, खुशबू, दीपेश, आदित्य, अभिषेक, नारायण जी, विकास, दुजेन्दु, पिंकी शर्मा, नेहा कुमारी, प्रीति, अक्षिता, मधु, वैष्णवी, प्रह्लाद, योगेश, कैलाश, रूपाली, जीनत शगुफ्ता, शबा ताज आदि सहित 110 से अधिक प्रतिभागी ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे।
प्रशिक्षिका अंशु कुमारी के संचालन में आयोजित उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत अजीत कुमार झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अमरजीत कुमार ने किया।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal