कोरोना टीका से वंचित लोगों को जिले में एक और टीके लेने के मिलेगा विकल्प
•कोविशिल्ड,कोवैक्सीन के अलावा जायकोव-डी भी दिया जाएगा
•टीके लेने के 28 वें दिन दूसरे डोज तथा 56 वें दिन बूस्टर डोज दी जाएगी

मधुबनी कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जिले में जोर शोर से टीका अभियान चलाया जा रहा है इस क्रम में जिले के में अब तक कोविशिल्ड,कोवैक्सीन के टीके लगाए जा रहे थे लेकिन जिले में टीके से अब तक वंचित लोगों को टीके के तीसरे विकल्प के रूप में जायकोव-डी का भी टीका लगाया जाएगा। शुरुआती दौर में मधुबनी सहित बिहार के 5 जिलों में इस्तेमाल किया जाएगा। यह एक सुई रहित टीका है जिसकी तीन खुराकें लगाई जाएंगी। बड़ी संख्या में पात्र लोगों को अभी तक टीके पहली खुराक भी नहीं मिल पाई है। वैसे लोगों को अब जायकोव-डी भी दिया जाएगा। अभी इस टीके की खुराक केवल वयस्कों को ही देने का फैसला किया है। बिहार में यह वैक्सीन भागलपुर, जमुई, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और पटना जिला में उपलब्ध होगी। मधुबनी जिले को 1,78,261 टीके की डोज जिले को उपलब्ध कराई जाएगी। विदित हो कि जिले में 32 लाख 93 हजार 234 लोगों को टीके से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें अब तक 21 लाख 80 हजार 387 लोगों को टीकाकृत किया गया है। वही 8,91,305 लोग टीके की दूसरी वजह से वंचित हैं।
वैक्सीन की तीन खुराक है लेनी:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया जायकोव-डी के हर डोज के बीच कम से कम 28 दिन का अंतराल रहेगा। यानी पहला डोज लेने के 28वें दिन दूसरा डोज और 56 वें दिन तीसरा डोज(बूस्टर) डोज लेना है। यह पहला ऐसा टीका है जिसमें तीन डोज लेनी है। इस हिसाब से भले ही इसके 3 डोज हो लेकिन इसका कोर्स कोविशील्ड से पहले ही पूरा हो जाएगा। दो डोज वाली कोविशील्ड के दोनों डोज के बीच का अंतराल 84 दिन है।
सूई से नहीं लगाई जाएगी वैक्सीन:
इस वैक्सीन के बारे में एक और खास बात है। यह सूई से नहीं लगाई जाएगी। इसे एक खास डिवाइस (इंजेक्टर) के जरिए लगाया जाएगा। इस मेथड से वैक्सीन लगने की वजह से दर्द नहीं होगा। कोवैक्सीन के बाद यह दूसरी वैक्सीन है जो पूरी तरह से देश में तैयार हुई है. टीके के लिए वैक्सीनेटरों की का प्रशिक्षण किया जाएगा।
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