बिहार में उच्च शिक्षा के बर्बादी के जिम्मेवार राज भवन और बिहार सरकार – आइसा
कुलपति और कुलसचिव पर लगे आरोप की जांच में स्थिरता, साफ साफ बचाने की संकेत- आइसा
कुलपति – कुलसचिव की बर्खास्तगी की मांग को लेकर आयोजित मिथिलांचल बन्द को सफल बनाने की अपील।
बिहार में उच्च शिक्षा के बर्बादी के खिलाफ 23 को विवि को किया जाएगा बन्द -आइसा

दरभंगा आज बिहार की उच्च शिक्षा बर्बादी की ओर अग्रसर है। पूरे बिहार के विश्वविद्यालयो में भ्रष्टाचार की बौछार है। कही कुलपति तो कही कुलसचिव के नेतृत्व में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली भाजपा-जदयू आज बिहार के बर्बाद उच्च शिक्षा पर चुपी साधी हुई है। उक्त बातें आज आइसा जिला कार्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आइसा नेताओ में कही।
संवाददाता सम्मेलन के आइसा के राज्य सह सचिव सह दरभंगा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज, राज्य सह सचिव सह जिला सचिव मयंक कुमार यादव, राज्य सह सचिव राजू कर्ण, जिला सह सचिव ओणम सिंह शामिल थे।
राजभवन और बिहार सरकार के प्रत्यक्ष नेतृत्व में पूरे बिहार के विवि में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आज कई दिन बीत जाने के बाद भी विवि के भ्रष्टाचार की जांच शुरू नही हुई है। जिससे साफ -साफ दिख रहा है कि भ्रष्टाचारियों को खुलेआम बिहार सरकार की समर्थन है। और बिहार में उच्च शिक्षा के बर्बढ़िबके जिम्मेवार साग तौर पर राजभवन और बिहार सरकार है। आइसा मांग करती है कि तत्काल बिहार सरकार और राज्यपाल को इस्तीफा दे देना चाहिए।
आइसा नेताओ में आगे कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव दोनों पर कई तरह के मुकदमे दर्ज है। तथा कुलपति पर तो कई विवि में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं। साथी ही साथ मिथिला विवि में भी कई तरह की अनियमितता हुई है। और इस सभी के जर में मिथिला विवि के कुलपति और कुलसचिव है। इन दोनो अधिकारी ने मिथिलांनचल क्षेत्र को बदनाम करने का काम किया है। पार्ट 3rd का रिजल्ट, पीजी 2nd, 4th फॉर्म, भराने का मामला सभी मामलों को विवि प्रशासन द्वारा फसा कर छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही।
आइसा नेताओ ने कहा कि मिथिला विवि के कुलपति व कुलसचिव के नियुक्ति प्रक्रिया से लेकर अभी तक के कार्यकाल तक कि उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। तथा इन दोनों को तत्काल पद से बर्खास्त करना चाहिए।
आइसा नेताओ ने कहा कि 15 दिसंबर को मिथिला बन्द के साथ-साथ पूरे बिहार में राज्यपाल व मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही साथ 7 दिसंबर को कल्याण छात्रावास में खाली कमरे को छात्र को आवंटित करने व सभी एससी एसटी छात्रों को छात्रविर्ती देने की मांग को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला जाएगा।
वही 22 दिसंबर को पूरे बिहार में विश्वविद्यालय बन्द की घोषणा की गई है। जिसे सफल बनाने को लेकर जगह-जगह मीटिंग आयोजित की जाएगी।
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