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संविधान के शिल्पकार, विधिवेत्ता, दूरद्रष्टा एवं समाज सुधारक महापुरुष थे अंबेडकर- डा चौरसिया

समाज के लिए अपना सर्वस्व निछावर करने वाले अंबेडकर का राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान- डा फूलो

संविधान के शिल्पकार, विधिवेत्ता, दूरद्रष्टा एवं समाज सुधारक महापुरुष थे अंबेडकर- डा चौरसिया

अंबेडकर युवा केन्द्र, दरभंगा के द्वारा बाबा साहब की पुण्यतिथि पर बाजितपुर में कार्यक्रम आयोजित

डा अंबेडकर ने पाखंडवाद, जातिवाद व अंधविश्वास पर गहरा प्रहार कर दिग्भ्रमित समाज को सही मार्ग दिखाया- डा सुरेश

बाबा साहब हमारे प्रेरणास्रोत, जिनके मूल मंत्र शिक्षा से होगा समाज का कायाकल्प- डा कामेश्वर

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने समाज के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर दिया। वे दबे-कुचले के मार्गदर्शक थे।उन्होंने भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान दिया, जिसपर चलकर समाज का सर्वांगीन विकास संभव है।
उक्त बातें सी एम कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य डा फूल पासवान ने अंबेडकर युवा केंद्र, बाजितपुर, दरभंगा के द्वारा बाबा साहब की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में कहा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर का राष्ट्र- निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है, जिन्होंने शिक्षा को मानव बनने का अनमोल साधन माना। प्रधानाचार्य ने शिक्षा को सभी सामाजिक बुराइयों की असली दबा बताते हुए बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं पर चलने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता के रूप में सी एम कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया ने कहा कि अंबेडकर संविधान के शिल्पकार, विधिवेत्ता, दूरद्रष्टा एवं समाज सुधारक महापुरुष थे। उनका आविर्भाव विषम परिस्थिति में हुआ, जब हमारा समाज जातिवाद, छुआछूत, महिला उत्पीड़न आदि सामाजिक बुराइयों के दलदल में फंसा था। अंबेडकर का पूरा जीवन जनता की भलाई में समर्पित रहा जो दलितों में चेतना जगाकर समाज में उनका वास्तविक हक दिलाना चाहते थे। अपनी विद्वता, कार्य क्षमता एवं उच्च स्तरीय ज्ञान के बदौलत वे भारत के करोड़ों दलितों व पिछड़ों के उद्धारक एवं प्रेरक बने।
सम्मानित अतिथि के रूप में दरभंगा एससी व एसटी थानाध्यक्ष रवि चौधरी ने कहा कि अंबेडकर विधिनिर्माता, क्रांतिकारी तथा दूरदर्शी पुरुष थे, जिनके बताए रास्ते पर चलकर ही सभ्य समाज का निर्माण संभव है। बाबा साहब ने किसी भी विपरीत परिस्थिति में हर मानव को धैर्य एवं भरोसा देने का काम किया। विश्वविद्यालय के पेंशन पदाधिकारी डा सुरेश पासवान ने कहा कि अंबेडकर ने पाखंडवाद, जातिवाद व अंधविश्वास पर गहरा प्रहार कर दिग्भ्रमित समाज को सही मार्ग दिखाया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव प्रथम डा कामेश्वर पासवान ने कहा कि बाबा साहब हमारे प्रेरणा स्रोत हैं, जिनके मूल मंत्र शिक्षा से ही समाज का कायाकल्प हो सकता है। बीमार होने के बाद भी अंबेडकर ने अपने समाज के लिए दिन-रात मेहनत किया।
अतिथियों एवं सदस्यों ने अंबेडकर के चित्र पर पुष्प एवं माला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि प्रदान दी।
अधिवक्ता मनोज कुमार दास ने कहा कि अंबेडकर के सपनों को शिक्षा प्राप्त कर ही पूरा किया जा सकता है। उनके बताए रास्ते पर चलकर हम स्वाबलंबी एवं खुशहाल समाज बना सकते हैं।
कार्यक्रम में दुर्गा देवी, राजू सिंह, अमरजीत कुमार, ललन पासवान, सुरेश पासवान, रामविलास, ललित पासवान, ढक्कन पासवान सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।
आगत अतिथियों का स्वागत फूल- माला, पेन सेट तथा बुके से किया गया। डा अंबेडकर मॉडल पब्लिक स्कूल, बाजितपुर के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में स्वागतगान विद्यालय की सचिव डा प्रेम कुमारी ने प्रस्तुत किया।
अंबेडकर युवा केंद्र के अध्यक्ष विजय पासवान के स्वागत एवं संचालन में आयोजित कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पूर्व एएसआई उमाशंकर पासवान ने किया।

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