खूब पसंद की गई सीता के 150 से अधिक अवतारों को दर्शाती मिथिला पेंटिंग प्रदर्शनी

इस साल मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल का मुख्य आर्कषण मिथिला की बेटी, “सीता” का विभिन्न रूपों में कला के विभिन्न माध्यमों से सजा उत्सव है। इस क्रम में सीता के 150 से अधिक अवतारों को दर्शाती मिथिला पेंटिंग कला पर केंद्रित ‘वैदेही’ नाम की अंर्तराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन श्रीलंका के राजदूत ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर किया। प्रदर्शित कलाकृतियों ने श्रीलंका के राजदूत और उनकी पत्नी सहित मिथिला के आम व खास लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया पहले दिन के कार्यक्रम में प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना वीणा सी सेशाद्री ने ‘जानामि जानकी’ नृत्य-नाटिका के माध्यम से रामायण के विभिन्न घटनाओं के माध्यम से सीता के चरित्र की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया.
कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका डॉ सविता झा खान ने मौके पर बताया कि चार दिनों तक लगातार चलने वाले इस साहित्य-संस्कृति उत्सव में मिथिला के सामाजिक आर्थिक, सांस्कृतिक और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कई क्षेत्रों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय बुनकरों के सामूहिक योगदान पर आधारित कार्यक्रम “एकवस्त्र” आम व खास लोगों को पसंद आएगा, ऐसा उनका विश्वास है। इसी तरह ‘मेघडंबर उद्यमी सम्मेलन, मिथिला के विलुप्त विरासत कोकटी कपास पर अकादमिक चर्चा, गांधी पर आत्ममंथन शिविर का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से शहरीकरण के सामाजिक व आर्थिक संरचना के पीछे दुर्बल जर्जर ग्रामीण संवेदनशीलता को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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