सेवानिवृत्त अभियंताओ के साथ प्रशासनिक अत्याचार नही,न्यायोचित व्यवहार हो

विभागीय कार्रवाई का दंश झेल रहे सेवानिवृत्त अभियंताओ का सरकार मे बैठे अदृश्य शक्तियो द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करते हुए पेन्शन एवं ग्रैच्यूटी भुगतान नही किये जाने पर इण्डियन इन्जीनियर्स फेडरेशन (पूर्वी) के उपाध्यक्ष एवं बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ के पूर्व महासचिव डा सुनील कुमार चौधरी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे प्रशासनिक अत्याचार बताया है।उन्होने अभियंताओ के साथ न्यायोचित व्यवहार करते हुए पेन्शन एवं ग्रैच्यूटी पर लगे रोक को अविलंब हटाने की मांग की है।ग्यातव्य हो कि सुप्रीम कोर्ट ने पेन्शन और सेवानिवृत्ति का लाभ देने के सम्बन्ध मे उसके आदेश का पालन नही करने पर बिहार सरकार के कई शीर्ष अधिकारियो को पहली नजर मे अवमानना का दोषी पाया है और नोटिस जारी करते हुए उन्हे 22 फरवरी को उपस्थित होने को कहा है।
डा चौधरी ने आगे कहा कि यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन अभियंताओ की कडी मिहनत के कारण बिहार के विकास का डंका देश और दुनिया मे बज रहा है ,उन्हे न केवल सेवाकाल मे अकारण प्रताड़ित किया जाता है बल्कि सेवानिवृत्ति के उपरान्त भी विभागीय कार्रवाई के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है जिससे अभियंताओ की व्यक्तिगत एवं सामाजिक छवि धूमिल होती है।इन परिदृश्यो को देख देखकर बडे हुए प्रतिभावान बच्चे बिहार को अभियंता के तौर पर सेवा देने से कतराने लगे है।परिणामस्वरूप प्रतिभा पलायन हो रहा है,अभियंता हताश है जिसका प्रभाव कही न कही बिहार के विकास पर पड रहा है।उन्होने सरकार से मांग की कि वर्तमान सिस्टम को इस तरह सुदृढ किया जाय कि अभियंताओ पर चल रहे विभागीय कार्रवाई को सेवाकाल मे ही पूर्ण कर ली जाय ताकि उन्हे आर्थिक परेशानी एवं मानसिक प्रताडना का शिकार नही होना पडे।
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