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मैट्रिक की परीक्षा दे रही महादलित बस्ती की पहली बेटी इंद्रा का विधायक ने बढ़ाया मनोबल

मैट्रिक की परीक्षा दे रही महादलित बस्ती की पहली बेटी इंद्रा का विधायक ने बढ़ाया मनोबल

सीतामढ़ी :- सब अवसर का खेल है। आसमान में सूराख तभी हो सकता है जब आपके हाथ में पत्‍थर हो। बचपन बचाओ आंदोलन के प्रेरणा से महादलित बस्ती की बेटी इंद्रा मैट्रिक की परीक्षा दे रही है। इस तरह वह परिहार प्रखंड के दूबे टोल गांव के महादलित बस्ती की पहली ऐसी बेटी बनी है जो मैट्रिक की परीक्षा दे रही है। इंद्रा उस हालात में मैट्रिक की परीक्षा देने वाली लड़की निकली जब उसके गांव की लड़कियां गरीबी और जागरुकता की कमी के कारण शिक्षा नहीं ले पाती हैं। गांव के लोगों की गरीबी का फायदा उठाकर हरेक साल वहां से बाल मजदूरी के लिए बच्‍चों की ट्रैफिकिंग की जाती है। इंदिरा को खूब प्रोत्‍साहन मिल रहा है। उसका नाम हो रहा है। मंगलवार को परिहार विधानसभा क्षेत्र की विधायक गायत्री देवी ने इंदिरा को बधाई देते हुए मिठाई खिलाकर उसके मनोबल को बढ़ाया, उन्होंने इंदिरा को हर संभव सहयोग करने की बात कही साथ ही बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा किए जा रहे अनूठी पहल की सराहना की इस अवसर पर बाल संरक्षण समिति के सदस्य चंदन मांझी, शिव शंकर कुमार एवं बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद चौधरी उपस्थित थे। यह सब देख-सुनकर गांव की अन्‍य लड़कियां प्रभावित हो रही हैं। प्रण कर रही हैं कि वे भी पढेंगी और स्‍कूल जाएंगी। उम्मीद है कि इंद्रा को आगे बढ़ता देख पढ़ाई के प्रति लोग जागरूक होंगे। सैकड़ों परिवारों व एक हजार से अधिक आबादी वाले गांव की इंद्रा का कहना है कि उसके मैट्रिक की परीक्षा देने से पूरे गांव के लोग खुश हैं साथ ही नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी ने भी इंदिरा से बात की जिससे वह और भी प्रेरित हुई है।

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