
विश्व पृथ्वी दिवस पर आयुर्वेद महाविद्यालय में वृक्षारोपण
राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान , मोहनपुर दरभंगा में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण, सफाई और प्रकृति संरक्षण हेतु जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद ने यह बताया कि विश्व पृथ्वी दिवस का बहुत महत्व है। यह एक ऐसा दिन है जो हमें अपने आभामंडल से निकलकर पृथ्वी के बारे में सोचने और पृथ्वी को संरक्षण करने को विवश करता है। आज वर्तमान समय में घटती धरती हरियाली ,सूखता पानी, पिघलते ग्लेशियर,बढ़ता तापमान, बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण इत्यादि विषयों की वास्तविकता से हम अवगत होते हैं। धरती की सुरक्षा के लिए प्रेरित करना और इसे एक कर्तव्य समझने का संदेश हम पूरे विश्व को इस दिवस के माध्यम से देते हैं। विश्व पृथ्वी दिवस 2022 का थीम है- हमारी धरती, हमारा स्वास्थ्य। हमारा स्वास्थ्य धरती की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। मानव जीवन की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश यह तीनों ही प्राकृतिक घटनाएं धरती पर ही घटती है। धरती जितनी ही स्वस्थ होती है, मानव जीवन उतना ही स्वस्थ होकर पलता फूलता है । जीवन संपदा को बचाने के लिए पर्यावरण को ठीक रखने के बारे में जागरूक रहना आवश्यक है। जनसंख्या की बढ़ोतरी ने प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ डाल दिया है। इसलिए इसके संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए पृथ्वी दिवस जैसे कार्यक्रम की महत्व बढ़ गया है। हर वर्ष 22 अप्रैल का दिन ‘वर्ल्ड अर्थ डे ‘ के रूप में मनाया जाता है। आज के समय में धरती कई तरह के चुनौतियों का सामना कर रही है। हम हर दिन ग्लोबल वार्मिंग , प्रदूषण आदि परेशानियों का सामना कर रहे हैं। डेवलपमेंट के लिए इंसानों ने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाया है। विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रो. प्रसाद ने यह कहा कि हमें जागरूक होकर के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना होगा। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विनय कुमार शर्मा ने यह बताया कि आज वर्तमान समय में रसायनिक खादो एवं कीटनाशक दवाइयों का अत्याधिक प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर गिरावट होता जा रहा है , जिससे हमारे अन्न की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही साथ औषधियों के गुणधर्म पर भी प्रभाव पड़ रहा है। हमें इसके अंधाधुंध प्रयोग पर अंकुश लगाना होगा।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि जीवन का आगमन – निर्गमन दोनों में मिट्टी शामिल है। सब मिट्टी में मिल गया और यह मिट्टी ही है जिसमें सबकुछ खिल गया। पेड़-पौधे जीव- जंतु सब मिट्टी के खिलौने हैं। घरौंदा है यह समूचा संसार। मिट्टी की सौंधी सुगंध विश्व विकासक है ,आकर्षक है। रत्नप्रसवा, अन्नप्रसवा, धरती को माता की संज्ञा दिया गया है। यह सब को धारण करने से धरित्री नाम वाली है। युगों – युगों से यह धरती स्थावर और जांगम का पोषण करती रहेगी । बिना धरती के हम सब आधारहीन हो जाएंगे- इसमें कहीं भी संदेह नहीं है। डॉ कुमार ने यह कहा कि धरती रहेगी तो ही हमारे जीवन का अस्तित्व रह पाएगा अतः हमें हर दिन को विश्व पृथ्वी दिवस के रूप में मनाना होगा। इस अवसर पर मोहनपुर ग्राम के ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और उनके बीच प्रकृति के संरक्षण हेतु वृक्षारोपण आसपास की सफाई के बारे में जागरूकता पैदा किया गया। वृक्षारोपण के अवसर पर महाविद्यालय में इलाज कराने आए रोगियों ने भी अपने हाथों से वृक्ष का रोपण किया। उपप्रधान रंजीत यादव ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से ग्रामीण जनों के बीच में प्रकृति के संरक्षण हेतु जागरूकता बढ़ेगी । इस अवसर पर अर्चना कुमारी, मीनू कुमारी, अमृता कुमारी, रूपम कुमारी, मोनू , जितेंद्र कुमार ,दिवाकर, दिलीप पासवान, रमण कुमार, प्रेम शंकर आदि उपस्थित थे।
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