भाकपा(माले) जिला कार्यालय में लेनिन की 152वीं जयंती और पार्टी स्थापना की 53 वीं वर्षगांठ मनाई गई.

दरभंगा कॉमरेड लेनिन की 152 वी जयंती व भाकपा माले पार्टी स्थापना की 53 वीं वर्षगांठ के अवसर पर कॉमरेड विनोद मिश्र सभागार, मालेनगर, जिला कार्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भाकपा माले के वरिष्ठ नेता कॉमरेड आर.के.सहनी के द्वारा झंडोत्तोलन से हुआ। उसके बाद दो मौन मिनट का मौन धारण कर तमाम शहीद साथियों को श्रद्धांजलि दी गई। कॉमरेड लेनिन की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद पार्टी केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी संकल्प पत्र का पाठ कॉमरेड समीर ने किया।
इस अवसर पर भाकपा माले के वरिष्ठ नेता ने पार्टी के उदय की जरूरतों को रेखांकित करते हुए नक्सलबाड़ी आन्दोलन के महत्व पर बात रखी उन्होंने आगे कहा कि आज ही के 22 अप्रैल 1969 को भाकपा माले को जन्म दिया गया। बंगाल और कलकत्ता के सबसे बड़े मैदान में खुलेआम इसकी घोषणा की गई। आज हम जिस मुहाने पड़ खड़े हैं देश बड़े फासीवादी हमले का सामना कर रहा है। पूरे बिहार के साम्प्रदायिकरण की कोशिशें जारी हैं। अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाले आज सत्ता में हैं। 75 वर्षों की जो उपलब्धि है जनता कि उसको समाप्त किया जा रहा। हमें आगे बढ़ कर इनको रोकना होगा। इसके लिए भाकपा माले को मजबूत करना होगा। भगवा झंडे के खिलाफ आज लाल झंडा लहराने की जरूरत आ पड़ी है। लेनिन का आज जन्मदिवस हम मना रहे हैं। हमें लेनिन के अरमानों को मंजिल तक पहुँचाना होगा। आज हम लेनिनवाद को भी याद कर रहे हैं। हमारी विरासत 1925 से है। 1925 से जो कुछ भी हुआ है उसका क्रांतिकारी उत्तराधिकारी हमारी पार्टी भाकपा माले है। आज के दिन संकल्प लेना चाहिए कि पार्टी को और प्राणवान और संघर्षशीलता को एक नई ऊँचाई पर ले जाएँगे।
जसम राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन विश्व सर्वहारा की महामुक्ति के महानायक और धरती पर मार्क्सवाद को अमली जामा पहनाने वाले लेनिन का जन्मदिन है। आज ही के दिन हमारी पार्टी की स्थापना हुई। हमारी पार्टी का इतिहास शहादतों और बलिदानों का इतिहास है। 1925 में कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना हुई थी तब से वो भारतीय क्रांति को पूरा करने में लगी है। आज हमलोग जिस धारा की बात कर रहे हैं उसका बीज तेलांगाना आन्दोलन में ही पड़ गया था। उसके बाद 1964 आते आते कम्युनिस्ट पार्टी का विभाजन हो जाता है। नक्सलबाड़ी आन्दोलन के बाद केवल राजनीति की ही नहीं बल्कि साहित्य और समाज की भी दिशा बदल गयी जब भाकपा माले की स्थापना हुई। उन्होंने बिहार में हुए विराट भूमि संघर्ष भोजपुर आन्दोलन का स्मरण करते हुए कहा कि कॉमरेड जौहर शहीद हो गए। देश की कोई दूसरी ऐसी पार्टी नहीं होगी जिसके महासचिव तक मे जनता के आंदोलन में शहादत दी हो। उस जज़्बे और इंक़लाब की परंपरा है हमारी पार्टी की। आज की जो स्थिति बन रही है इन सत्तासीन फासिस्ट ताकतों से दो-दो हाथ करने में हम पूरी तरह सक्षम हैं। हम भगत सिंह-अम्बेडकर का भारत बनाने के लिए समर्पित हैं। बाबा नागार्जुन की नक्सलबाड़ी कविता की इन पंक्तियों से अपनी बात समाप्त की उन्होंने – “यही धुआँ मैं ढूढ़ रहा था, यही गंध में ढूंढ रहा था।”
इस अवसर पर भाकपा माले दरभंगा के जिला सचिव कॉमरेड बैद्यनाथ यादव ने लेनिन की जयंती पर सलाम करते हुए कहा कि आज दरभंगा में भिन्न-भिन्न जगहों पर पार्टी स्थापना दिवस मनाया जा रहा। उन्होंने कहा कि पूरे देश मे आज बुलडोजर से दलित-गरीबो, अल्पसंख्यकों के घर को ढाह रही है। जिसके खिलाफ सबसे ज्यादा प्रतिवाद भाकपा(माले) ने ही किया है। हम जनता के आंदोलन के सिपाही हैं। इसके लिए भाकपा माले को मजबूत करना होगा। जनता के लिए समपर्ण ही संकल्प है पार्टी का। वीर कुंवर सिंह जयंती पर भाजपा-आरएसएस वीर कुंवर सिंह को हड़पने की कोशिश कर रही है। हमें यह स्पष्ट करना होगा कि कुंवर सिंह क़ौमी एकता के आधार पर अंग्रेजों से लड़े थे। बीजेपी-आरएसएस देश तोड़ने के लिए उनका नाम भुना रही। हमारी पार्टी ने तय किया है कि पूरे आरा में कार्यक्रम कर इनका भंडाफोड़ किया जाए।
इस अवसर पर कॉमरेड उमेश शाह, ऐपवा नेत्री कॉमरेड साधना शर्मा, आइसा जिला सचिव मयंक कुमार, जिला अध्यक्ष प्रिन्स राज, इनौस नेता केसरी कुमार यादव, कामेश्वर पासवान, विजय महासेठ, शशि शंकर, रौशन कुमार सहित कई लोग शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन कॉमरेड गंगा मंडल ने किया।
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