आंगनबाड़ी सेविका, आशा, स्वास्थ्य कर्मियों व वेंडरों को किया जाएगा ऑनलाइन भुगतान
– एनएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों में खर्चो का भुगतान पारदर्शिता से अब सिंगल नोडल अकाउंट से
-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: के तहत पूर्व मे खोले गए खाते होंगे बंद
-कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर दिया निर्देश
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मधुबनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के वित्तीय प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत पूर्व मे खोले गए खाते अब व्यवहार में नहीं लाये जाएंगे . इन खातों को बंद करते हुए उपलब्ध राशि को राज्य स्वास्थ्य समिति के सिंगल नोडल अकाउंट में जमा किया जायगा. क्योंकि अब वित्तीय लेनदेन के लिए सिंगल नोडल अकाउंट ही व्यवहार मे लाया जाएगा. योजना के संचालन को लेकर कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है. सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया केंद्रीय प्रायोजित योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु राज्य स्तर पर सिंगल नोडल अकाउंट खोला गया है एवं जिला स्तर पर जीरो बैलेंस सब्सिडरी अकाउंट खोला गया है। इस योजना के सफल संचालन के लिए आईसीआईसीआई बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर जो एफपीएमएस से संबंधित है को ही व्यवहार में लाया जाना है। इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम एनएचएम से संबंधित सभी लेनदेन किए जाएंगे.सभी लेखापाल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों का पेमेंट सिंगल ऑनलाइन नोडल अकाउंट के माध्यम से करने को लेकर प्रशिक्षित किया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. दयाशंकर निधि ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिलों में कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसका भुगतान अब राज्य स्तर पर सिंगल नोडल अकाउंट के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत कर्मियों आशा, आंगनबाड़ी लाभुक एवं वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। इससे पूर्व भुगतान के लिए बैंक से संपर्क करना पड़ता था। अब पूरी पारदर्शिता के साथ विभिन्न्न मदों पर खर्च करने के बाद केंद्रीय स्तर पर रिपोर्ट भेज दी जाएगी। कहा कि इसके तहत वित्तीय लेनदेन में किसी प्रकार की देरी नहींं होगी। इससे कोई भी जन उपयोगी स्वास्थ्य कार्यक्रम बिना रोक-टोक संचालित की जा सकेगी। इसमें किसी प्रकार की बजटीय व्यवधान नहीं होंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के रीजनल सिंगल लोडर अकाउंट से संबंधित व्यक्तियों एवं लाभुकों का भुगतान कर दिया जाएगा। इस एकाउंट में चार हज़ार करोड़ रुपए रहेंगे।
जिला स्तर पर सिविल सर्जन बजट को करेंगे डिजिटली अप्रूव:
जिला स्वास्थ्य समिति के तहत विभिन्न मदों में खर्च करने के लिए सिविल सर्जन डिजिटल अप्रूव करेंगे। इसके लिए लॉगइन आईडी एवं पासवर्ड दे दिया गया है। वहीं प्रखंड अस्पतालों में लेखापाल विभिन्न मदों में खर्च के लिए मेकर की भूमिका निभाएंगे। बीएचएम चेकर होंगे। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उस बजट को डिजिटली अप्रूव करने के लिए अप्रूवर होंगे। इस प्रकार तीन लेवल से बजट के डिजिटल अनुमोदन के बाद भुगतान किया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश से यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी प्रकार का स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम बजट के कारण प्रभावित ना हो। इसे लेकर लेखपालों को प्रशिक्षित किया गया।
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