Breaking News

“चुनौतियों के बीच से निकलती है सच्ची पत्रकारिता” : बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का पाँचवा अधिवेशन आयोजित। नई कार्यकारिणी गठित

“चुनौतियों के बीच से निकलती है सच्ची पत्रकारिता” :
बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का पाँचवा अधिवेशन आयोजित।
नई कार्यकारिणी गठित

स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की राह में हमेशा से चुनौतियां आती रही हैं।  स्वतंत्रता का आन्दोलन रहा हो या इमरजेंसी का काल, हर युग में सच्ची पत्रकारिता का, नई-नई बाधाओं से सामना होता रहा है।  आज के दौर में भी कई ऐसी बाधाएँ हैं जो सच्ची पत्रकारिता के मार्ग में सतत रुकावटें डालती रहती हैं किन्तु सत्य के साथ खड़ी पत्रकारिता वही होती है जो ऐसी चुनौतियों के बीच भी अपनी राह बनाती है।
बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (BWJU) के पाँचवें वार्षिक अधिवेशन में आयोजित “वर्तमान परिदृश्य में मीडिया की भूमिका और चुनौतियां” विषयक सेमिनार में उपर्युक्त बातें उभर कर सामने आईं  मिथिला विवि के एमबीए सभागार में रविवार को आयोजित वार्षिक अधिवेशन के सेमिनार सत्र को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि, लनमिविवि के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनसरोकार से जुड़कर ही पत्रकारिता का सच्चा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।  चुनौतियां अनेकों हो सकती हैं किन्तु एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए, उनका समाधान निकाला जा सकता है।
कार्यक्रम की उद्घाटनकर्ता अमृषा बैंस ने इस मौक़े पर कहा कि सच्ची पत्रकारिता समाज का प्रकाश-स्तंभ है।  बदलते समय में जीवन के सभी क्षेत्रों में चुनौतियां जहाँ एक ओर बदल रही हैं वहीं दूसरी ओर बढती भी जा रही हैं और मीडिया भी इससे अछूता नहीं है।  लेकिन लोकतंत्र की मज़बूती के मद्देनज़र पत्रकारों को आगे बढ़ कर इनका सामना करना होगा।
संगठन के राज्य महासचिव कमल कान्त सहाय ने पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जहाँ एक ओर मीडियाकर्मी सीमित संसाधनों के तहत काम करते हैं वहीं दूसरी ओर इन्हें राजनेताओं, अधिकारियों और दबंगों के दबाव तथा विरोध का सामना करना पड़ता है।  उन्होंने कहा कि ज़िला और ब्लॉक के ज़मीनी स्तर के पत्रकार ही, पत्रकारिता की आत्मा हैं।
लनमिविवि के कुलसचिव प्रोफेसर मुश्ताक़ अहमद ने कहा कि देश की पत्रकारिता ही शहादत से शुरू हुई है।  मौलवी मुहम्मद बाक़र और राजाराम मोहन राय से लेकर वर्तमान समय तक, हर क़दम पर चुनौतियां रही हैं लेकिन इसी के बीच राह बनानी है।  उन्होंने कहा कि तटस्थ नहीं बल्कि सत्य की पक्षधर पत्रकारिता, समय की मांग है।
इससे पूर्व, विषय प्रवेश कराती हुई BWJU की राज्य कार्यकारिणी सदस्य सीटू तिवारी ने कहा कि सिर्फ़ प्रेस रिलीज़ बना देना ही पत्रकारिता नहीं है बल्कि हमें समस्या उन्मुख ख़बरों की ओर ध्यान देना होगा जिससे मीडिया की विश्वसनीयता बढ़े  उन्होंने इस क्षेत्र में महिला पत्रकारों की कम भागीदारी पर चिंता जताई  सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के संयुक्त निदेशक नागेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रेस काउंसिल आफ़ इंडिया एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहां पत्रकार अपनी बात रख सकते हैं  संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है लेकिन उनकी कुछ सीमाएं भी हैं।  IJU के सचिव शिवेन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि आज मीडिया में व्यावसायिकता हावी है और सच्ची पत्रकारिता दब रही है।
सेमिनार को सम्बोधित करते हुए IJU के ही कार्यकारिणी सदस्य अमर मोहन ने कहा कि संगठन में ही शक्ति है तथा इसे मज़बूत करके हम पत्रकारों के हक़ की लड़ाई लड़ सकते हैं।
अध्यक्षीय भाषण में विवि एमबीए विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर अजित कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारिता, समाज से सीधे रूप से जुड़ी हुई है  सत्य के लिए लड़ना ही पत्रकारों का धर्म है।  लेखनी न मंद हो और न ही कुन्द हो
इससे पहले संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन की शुरुआत की गई। दीपक कुमार झा ने स्वागत-गान गाया  पाग, शॉल और मोमेंटो प्रदान कर, अतिथियों को सम्मानित किया गया। इरफ़ान अहमद “पैदल” और एम ए सारिम ने ग़ज़लें सुनाईं
अतिथियों का स्वागत करते हुए BWJU के ज़िला अध्यक्ष अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि आजकल क़लम चलाना कठिन होता जा रहा है एवं वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकारिता नहीं हो पा रही है।
इस मौक़े पर पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए कई पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया जिनमें प्रो. विनोद कुमार चौधरी, पवन कुमार झा, दिनेश कुमार राय, विष्णुकान्त झा, अजय मोहन प्रसाद, गौरीशंकर आचार्य
एवं मृत्योपरांत स्व. देवी शंकर श्रीवास्तव, स्व. उमेश झा “परदेसी”, स्व. कामेश्वर कुँवर, मरहूम अरमान आलम एवं स्व. विनय कुमार अग्रवाल शामिल हैं।
अधिवेशन के द्वितीय सह तकनीकी सत्र में संगठन के ज़िला महासचिव शशि मोहन भारद्वाज ने आए दिन पत्रकारों पर हो रहे हमलों की निंदा की और इसके लिए संगठन को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिसका करतल ध्वनि से सभी ने स्वागत किया इस मौक़े पर 51 सदस्यीय परिषद और 25 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष अमरेश्वरी चरण सिन्हा और महासचिव शशिमोहन भारद्वाज को चुना गया। इसमें से कुछ पद रिक्त भी रखें गए हैं
कार्यक्रम का संचालन पत्रकार विजय कुमार श्रीवास्तव कर रहे थे। पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पत्रकार प्रोफे़सर एच. के. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …