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बिहार के सीतामढ़ी जिला में बथनाहा को बाल श्रम मुक्त प्रखंड बनाने हेतु अनुठी पहल कर प्रखंड के दो पंचायत में कार्यक्रम के तहत किया गया जन संवाद

बिहार के सीतामढ़ी जिला में बथनाहा को बाल श्रम मुक्त प्रखंड बनाने हेतु अनुठी पहल कर प्रखंड के दो पंचायत में कार्यक्रम के तहत किया गया जन संवाद

श्रम विभाग, प्रखंड स्तरीय बाल सरंक्षण समिति एवं बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोग से किए जा रहा बाल श्रम मुक्त प्रखंड बनाने हेतु अनूठी पहल

जन संवाद के तहत बाल श्रम रूपी अभिशाप को समाप्त करने के लिए किया जा रहा जागरुक, नो टॉलरेंस जॉन बथनाहा प्रखंड जुन में होगा घोषित: श्रम अधीक्षक

सीतामढ़ी : सीतामढ़ी जिला के बथनाहा प्रखंड को बाल श्रम मुक्त प्रखंड बनाने के लिए नो टॉलरेंस जॉन घोषित करने का लक्ष्य इस बर्ष जुन महीने में रखा गया है। इसके लिए बथनाहा प्रखंड में श्रम विभाग, बचपन बचाओ आंदोलन एवं प्रखंड स्तरीय बाल सरंक्षण समिति के द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम मुक्त बथनाहा निर्माण हेतु श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अजीत कुमार प्रसाद के निर्देशन व बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोग से प्रखंड क्षेत्र के सिंगरहिया एवं बेरहा बराही पंचायत भवन में जन संवाद कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ महिला पर्वेक्षिका प्रतिभा लता एवं बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधि मुकुंद कुमार चौधरी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के तहत पंचायत एवं वार्ड स्तरीय बाल सरंक्षण समिति, पंचायत प्रतिनिधी, शिक्षक, आगनवाड़ी सेविका एवं ग्रामीण के साथ बैठक कर बाल मजदुरी के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने के लिए रणनीति बनी। जिसमें सभी लोगों ने अपनी सहमती प्रदान करते हुए कहा कि बाल
बाल मजदूरी मानवता पर कलंक है। इसे रोकना हर सभ्य समाज का कर्तव्य है। लोगों ने मिलजुल कर बाल श्रम मुक्त बथनाहा निर्माण हेतु अपना योगदान देने का संकल्प लेते हुए बाल श्रम रूपी अभिशाप को समाप्त करने का प्रण धारण किया।
इस संबंध में श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार ने बताया कि बाल श्रम एक कलंक है, जो बच्चों से उनका बचपन छीन लेता है। बथनाहा को नो टॉलरेंस जॉन बनाने के लिए श्रम विभाग , प्रखंड स्तरीय बाल सरंक्षण समिति एवं बचपन बचाओ आंदोलन संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं। जन संवाद कार्यक्रम के माध्यम से प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम के विरुद्ध एक मजबूत कार्ययोजना के तहत जमीन स्तर पर टीम तैयार हो रही है ताकी बथनाहा प्रखंड को इस बर्ष जुन महिने में नो टॉलरेंस जॉन घोषित किया जा सके। इसको लेकर प्रखंड क्षेत्र में जन जागरूकता के साथ साथ बच्चो से बाल मजदुरी करवाने वाले नियोजक को चिंहित किया जा रहा हैं बाल श्रम करवाने वाले के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जायेगी। उन्होने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है. बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को 20 हजार रुपये से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और दो वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है.

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