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कुलसचिव के हटने पर गंगाजल से विश्वविद्यालय का करेंगे शुद्धिकरण-अमन सक्सेना

कुलसचिव के हटने पर गंगाजल से विश्वविद्यालय का करेंगे शुद्धिकरण-अमन सक्सेना

कुलपति औऱ कुलसचिव की जोड़ी ने विश्वविद्यालय में फैलाया अराजकता का माहौल
मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमन सक्सेना ने मंगलवार को प्रेस रिलीज़ जारी करते हुए कहा की विश्वविद्यालय में अराजकता भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच चूका हैं ऐसे में कुलसचिव मुस्ताक अहमद को समय से पहले हटा देने की खबर छात्रों के लिए थोडा सुकून भरा पल हैं क्यूंकि कुलपति के भ्रष्टाचार में कुलसचिव की संलिप्ता का बहुत बड़ा योगदान रहा हैं कुलसचिव एक तानाशाह के तरह विश्वविद्यालय में काम कर रहे थे मिथिला विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार ऐसा देखा गया था की एक कुलसचिव के इसारे पर पूरा विश्वविद्यालय चलाया जा रहा हैं मानो कुलपति मोहरा के तौर पर पद पर बैठे हो कुलसचिव पर कई कॉलेज में गबन का मामला भी हैं फिर भी इनको कुलसचिव जैसे पद पर बैठा कर रखा गया था कुलपति औऱ कुलसचिव के द्वारा ही कमिशन के चक्कर में आयोग्य डाटा सेंटर को जबरदस्ती विश्वविद्यालय में बैठा दिया गया जो सिर्फ छात्रों को पड़ेसान औऱ दलालो का दुकान बन कऱ काम कर रहा हैं इनके द्वारा हक़ औऱ अधिकार के लिए आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं पर फर्जी एफाईआईआर किया गया इनके कार्यकाल में 500 से अधिक छात्रों पर फर्जी एफ़ाइआर कर छात्र आंदोलन को दबा दिया गया इनका कार्यकाल हिटलर राज के सामान था जहाँ ना छात्र खुश थे ना शिक्षक औऱ नाहीं कर्मचारी आये दिन इनका तुगलकी फरमान सभी को पड़ेसान करने का काम किया परीक्षा से लेकर रिजल्ट प्रकाशन तक सिर्फ औऱ सिर्फ छात्रों को पड़ेसान किया जाना शुरू हो गया आज पूरा विश्वविद्यालय दलाओ के चंगुल में फंसा हुआ हैं डाटा सेंटर के मिली भगत से इन दलालो का रोजी रोटी चलता हैं जिसमे कुलसचिव को सम्मान करने वाले इनके निजी लोग शामिल हैं जिसे विश्वविद्यालय में इनके संरक्षण के लिए रखा गया था सत्र अनियमित रिजल्ट में धांधली प्रश्न पत्र लिक छात्र संघ का चुनाव बंद करना फीस बढ़ोतरी फर्जी एफाईआर करना भ्रष्टाचार अराजकता यह इनकी प्रमुख उपाधि रही हैं भ्रष्टाचार औऱ तानासाही के कारण ही इनको समय से पूर्व हटा दिया गया हैं जो मिथिला विश्वविद्यालय के लिए एक सुखद खबर हैं यह हमारी जीत हैं जिसके लिए हम लगातार संघर्ष कर रहे थे राज भवन को भी कई बार पत्राचार किया गया जिसका असर अब दिखाई दिया हैं एमएसयू गंगा जल से पुरे विश्वविद्यालय का शुद्धिकरण करने का काम करेगा क्युकी यहां का हरेक कोना भ्रष्टाचार से इनके द्वारा भर दिया गया हैं नये कुलसचिव अजय कुमार पंडित के आगमन पर उन्होंने कहा मिथिला विश्वविद्यालय में सर का स्वागत हैं आसा करते हैं इनके कार्यकाल में मिथिला विश्वविद्यालय अपनी नयी ऊचाई पर पहुंचेगा औऱ बुनियादी शिक्षा में बदलाव देखने को मिलेगा उन्होंने कुलपति की ओर इसारा करते हुए कहा की अब अगली बारी इनका ही हैं जब तक छात्र हित की बात नहीं होगी एमएसयू ऐसे सभी पदाधिकारी का विरोध करने का काम करेगा औऱ विद्रोही के तरह ऐसे पदाधिकारी को देखने का काम करेगा पहले शिक्षा मिले छात्र हित की बात हो तभी हम सम्मान की बात करेंगे—

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