इंजीनियरिंग कॉलेज मामले में आइसा नेता प्राचार्य व छात्र से मिले।
छात्रों का रिस्ट्रीकेट अविलंब वापस ले वि वि प्रशासन : आइसा
इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य के कार्यकाल का हो उच्चस्तरीय जांच : तबरेज
दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन छात्रों को रिस्ट्रीकेट करने मामले में आज आइसा की जांच टीम इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचकर छात्रों व प्राचार्य से मिले।
जांच टीम में आइसा जिला अध्यक्ष शम्स तबरेज, राज्य कार्यकारणी सदस्य प्रिंस राज, जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश कुमार यादव शामिल थे।
वहा उपस्थित छात्रों ने जांच टीम को बताया की छात्र कॉलेज के अंदर मूलभूत सुविधा बहाल करने को लेकर अक्टूबर में ही आंदोलन किए थे और कॉलेज प्रशासन से वार्ता भी हुई थी लेकिन समस्या का हल नही हुआ उलटे हम तीन छात्र जो मिडिया के सामने आधारभूत सरचना को लेकर बयान दिए जिसके चलते हमें ही एक साल के लिए रिस्ट्रीकेट कर दिया गया। और कई पूर्व छात्र ने बताया की उक्त प्राचार्य का कार्यकाल विवादित रहा हैं। लगातार इनके खिलाफ जब छात्र आंदोलन करते थे तो उन्हें टारगेट कर लिया जाता है।
छात्रों ने बताया की जब स्थानीय जनप्रतिनिधि को भी इस संदर्भ में छात्रों द्वारा कहा जाता है तो वो भी उक्त प्राचार्य के पक्ष में ही खड़ा होता हैं।
इस संदर्भ जिला अध्यक्ष शम्स तबरेज ने कहा की इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों पर की गई करवाई तानाशाही रवैया को दर्शाता है। आंदोलन के 6 महीना बाद छात्रों पर करवाई किया जाता है। जबकि कई फैकल्टी शिक्षक द्वारा कॉलेज प्रशासन को यह लिखकर दिया गया की उक्त छात्र छात्रा का बयान कोई अलोकतांत्रिक नही हैं। लेकिन फिर भी प्राचार्य द्वारा तीन छात्रों को रिस्ट्रीकेट कर आवेदन को उपर भेज दिया गया।
आइसा नेताओ ने राज्य सरकार व बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के कुलपति से मांग किया है प्राचार्य के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाय तथा छात्रों को रिस्ट्रीकेट का ऑर्डर वापस लेने की मांग की है। आइसा नेताओ ने बताया की प्राचार्य के खिलाफ पटना में भी आइसा के नेता कुलपति से मिलकर शिकायत करेंगे।
मो शम्स तबरेज
जिला अध्यक्ष, आइसा, दरभंगा
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