डीसीई दरभंगा और पीटीसी दरभंगा के बीच ऐतिहासिक समझौता: कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण के लिए नई पहल

दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (डीसीई) और पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) दरभंगा के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच संसाधनों और सुविधाओं का साझा उपयोग करते हुए, शिक्षक विकास, कौशल उन्नयन और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डीसीई दरभंगा में फैकल्टी विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पीटीसी दरभंगा के निदेशक पवन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पवन कुमार ने अपने विचार-विमर्श में डाक विभाग की अद्वितीय भूमिका पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे यह विभाग न केवल देश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ता है, बल्कि आधुनिक सेवाएँ जैसे पासपोर्ट, आधार कार्ड बनाना और केंद्र सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाना सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीटीसी दरभंगा की सभी सुविधाएँ, जैसे खेल परिसर, स्विमिंग पूल, जिम्नेजियम, आदि डीसीई के शिक्षकों और छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी।
श्री कुमार ने अपने संबोधन में चार मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
पीटीसी और डीसीई के बीच सहयोग: उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच यह सहयोग शिक्षकों और कर्मचारियों के विकास के लिए एक अनूठा अवसर है। इससे वे नवीनतम कौशल और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो उन्हें अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में अग्रणी बनाएगा।
संयुक्त प्रयास की आवश्यकता: श्री कुमार ने यह भी कहा कि पीटीसी और डीसीई को एक साथ मिलकर चलना चाहिए ताकि उनके संयुक्त प्रयास से न केवल संस्थानों को बल्कि पूरे क्षेत्र को लाभ हो। उन्होंने यह विचार रखा कि दोनों संस्थान एक-दूसरे के अनुभवों और क्षमताओं का लाभ उठाकर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
150 वर्षों की गौरवशाली विरासत: डाक विभाग की 150 वर्षों की समृद्ध धरोहर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह संस्थान न केवल मिजोरम से दादरा और नगर हवेली तक के क्षेत्रों को जोड़ता है, बल्कि आधुनिक तकनीक और सेवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। इस विरासत का हिस्सा बनना गर्व की बात है, और पीटीसी इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन: उन्होंने कहा कि डाक विभाग केंद्र सरकार की कई योजनाओं जैसे बीमा सेवाएँ, ग्रामीण विकास, विदेश सेवा, सेना डाक सेवा, बैंकिंग सेवाएँ, और सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से राष्ट्रीय लक्ष्यों की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान डीसीई दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि यह दिन डीसीई के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों संस्थान अपनी-अपनी सुविधाओं का आदान-प्रदान कर सकते हैं, जिससे न केवल छात्रों और शिक्षकों को बल्कि पूरे क्षेत्र को लाभ होगा। डॉ. तिवारी ने बताया कि डीसीई के पास विश्व स्तरीय भाषा प्रयोगशाला, एक अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर, और एक विशाल सभागार जैसी सुविधाएँ हैं, जिन्हें पीटीसी के प्रशिक्षार्थी भी उपयोग कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, डॉ. तिवारी ने यह घोषणा की कि भविष्य में डीसीई और पीटीसी के छात्र और शिक्षक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेंगे, जिससे दोनों संस्थानों के बीच आपसी संबंध और सुदृढ़ होंगे। इस सहयोग से न केवल शैक्षणिक वातावरण में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को खेल और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने के अवसर प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम में पीटीसी दरभंगा के अधिकारी श्री रामनिवास कुमार (उप निदेशक) और श्री बिमल कुमार झा (सहायक निदेशक) भी उपस्थित थे। डीसीई दरभंगा के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों में डॉ. रमन कुमार झा और डॉ. अनुपमा का उल्लेखनीय योगदान रहा।
समारोह का समापन डीसीई के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीन स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया और इस ऐतिहासिक समझौते के सफल क्रियान्वयन की कामना की
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