सरकार द्वारा शुरू किया गया “महिला संवाद” कार्यक्रम परिवर्तन का स्पष्ट प्रमाण है। 

सरकार द्वारा शुरू किया गया “महिला संवाद” कार्यक्रम परिवर्तन का स्पष्ट प्रमाण है।

 

दरभंगा  जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड की छात्रा शालू कुमारी ने इस मंच से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि अब लड़कियाँ पढ़-लिख कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उनका आत्मविश्वास और बुलंद आवाज़ इस बात का संकेत है कि अब समाज में नई चेतना का संचार हो रहा है।

 

महिला संवाद कार्यक्रम ने दरभंगा जिले की महिलाओं के लिए ऐसा मंच प्रदान किया है,जहाँ वे खुलकर अपनी बातें रख सकें। यहाँ महिलाएँ अपनी समस्याएँ और सुझाव साझा कर रही हैं, साथ ही सरकार की योजनाओं, अपने अधिकारों और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर रही हैं। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को जागरूक कर रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना भी जगा रहा है।

 

कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं ने स्थानीय स्तर की समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने बताया कि उनके गांवों में पहले सड़क,नाली और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी थी,लेकिन अब सरकारी प्रयासों से इनमें सुधार आया है। फिर भी महिलाओं ने यह माँग रखी कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थायी स्वरोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को और अधिक ध्यान देना चाहिए।

 

दरभंगा के विभिन्न प्रखंडों की महिलाओं ने पेयजल – समस्या पर ध्यान आकर्षित की।

उन्होंने कहा कि गांवों में चापाकल सूख गए हैं और जो चालू हैं,उनमें बहुत कम पानी आ रहा है। वहीं,नल-जल योजना से भी सभी स्थानों पर पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे दैनिक जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं ने यह भी बताया कि जीविका और सरकार की अन्य योजनाओं से उन्हें आर्थिक सहायता तो मिली ही है,साथ ही वे अब आत्मविश्वासी भी बन चुकी हैं। पहले जो महिलाएँ सार्वजनिक रूप से बोलने से हिचकती थीं,आज वे मंच से अपनी बात बेझिझक रख रही हैं और समाज को दिशा देने का काम कर रही हैं।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एक साथ खड़े होकर संकल्प लिया कि वे स्वयं को सशक्त बनाएँगी,अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएँगी और अन्य महिलाओं को भी जागरूक करेंगी।

उन्होंने यह भी प्रण लिया कि वे अपने गाँव को बाल विवाह, घरेलू हिंसा और शराब जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त कर आदर्श समाज की स्थापना करेंगी।

 

यह कार्यक्रम दरभंगा की महिलाओं के जीवन में न केवल जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना भर रहा है,बल्कि समाज के भीतर गहराई से बदलाव ला रहा है।

महिला संवाद के माध्यम से आज की बेटियाँ खुद अपनी आवाज़ बन रही हैं और एक नए युग की शुरुआत कर रही हैं।

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