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• दरभंगा शहर को बुडको ने लूट लिया : मिथिला वादी पार्टी का आरोप • प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप, 270 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट में अनियमितता का आरोप

 

दरभंगा शहर को बुडको ने लूट लिया : मिथिला वादी पार्टी का आरोप

 

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप, 270 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट में अनियमितता का आरोप

 

दरभंगा।  प्रेस क्लब में मिथिला वादी पार्टी की ओर से आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में दरभंगा विधानसभा प्रभारी अभिषेक कुमार झा ने बुडको (BUDCO) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दरभंगा शहर के नाम पर करोड़ों की लूट मची हुई है। उन्होंने दावा किया कि 70 किलोमीटर वाटर ड्रेनेज निर्माण के लिए बुडको को पहले 215 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 270 करोड़ रुपये कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद ड्रेनेज निर्माण में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार व्याप्त है।

 

अविनाश भारद्वाज ने कहा कि दरभंगा में अंडरग्राउंड रेन ड्रेनेज को दुरुस्त करने के लिए भी 6 करोड़ रुपये आवंटित हुए, लेकिन अब तक एक ईंट भी नहीं लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बुडको के जितने भी प्रोजेक्ट दरभंगा में चल रहे हैं, उनमें सिर्फ लूट ही लूट हो रही है। उन्होंने जिला अधिकारी और नगर आयुक्त से अपील की कि बुडको को तत्काल ब्लैक लिस्ट किया जाए और उसके सभी प्रोजेक्टों पर निगरानी जांच बैठाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने इस जांच का दस्तावेज सार्वजनिक करने की भी मांग की।

पर्यावरणविद प्रोफेसर विद्यानाथ झा ने कहा कि किसी भी शहर में जब गलत तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा हो, तब आवाज उठाना नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है। यह मामला सिर्फ सड़कों या ड्रेनेज का नहीं, बल्कि पानी से जुड़ा है। जल की स्थिति आज पूरे देश में कैसी हो गई है, यह किसी से छुपा नहीं है। ऐसे में दरभंगा जैसे ऐतिहासिक शहर में जल निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये की बंदरबांट हो रही है, और जनता अब तक पानी-पानी हो रही है। बुडको के प्रोजेक्टों में यदि पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं आई तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनता के पैसों से चल रहे हर प्रोजेक्ट की जांच कराई जाए और हर गलती के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

नारायण जी झा ने कहा कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद अधिकारियों ने अपनी मनमानी से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया, जो न्यायालय की खुली अवहेलना है। यह न सिर्फ जनता के साथ धोखा है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक है। अगर कोर्ट के आदेश की इतनी ही उपेक्षा की जाएगी तो दरभंगा ही नहीं, पूरे प्रदेश में कानून का राज खत्म हो जाएगा।

सभी के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी गई प्रमुख मांगे: निम्न है

● निर्माणाधीन सड़कों और नालों के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।

● दोषी पदाधिकारी और कर्मचारियों पर न्यायालय के आदेश के अवमानना का केस दर्ज किया जाए।

● दरभंगा और लहेरियासराय के पुराने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज को पुनर्स्थापित किया जाए।

●अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर टिकाऊ और मजबूत वाटर ड्रेनेज का निर्माण किया जाए।

● जहां कहीं भी निर्माण कार्य हुआ है, वहां की जमीन और रास्तों को पूर्व की स्थिति में बहाल किया जाए।

 

दरभंगा शहर के सामाजिक सारोकारता से जुड़े रवि के पटवा ने कहा की अगर इन मांगों को तुरंत नहीं माना गया तो आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा और दरभंगा के नागरिकों के हक के लिए हर संभव संघर्ष किया जाएगा ।।

मौके पर मिथिलावादी नेता विद्या भूषण राय, गुलफाम रहमानी , कृष्मोहन चंदू मिश्रा इत्यादि उपस्थित थे ।।

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