जीविका दीदियों के हाथों में स्वच्छता की कमान — दरभंगा के 6 प्रखंडों में नई पहल का शुभारंभ
स्वच्छ कार्यालय, सशक्त दीदी: अब सरकारी दफ्तरों की सफाई भी बनेगी महिलाओं के आत्मनिर्भरता का जरिया : डा० ऋचा गार्गी
सदर प्रखण्ड के एनबीपीडीसीएल के 5 कार्यालयों में भी किया गया कार्य प्रारंभ

बिहार में महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता अभियान को एक नई दिशा देते हुए दरभंगा जिले के 6 प्रखंडों में जीविका दीदियों द्वारा प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय परिसरों के साथ साथ सदर प्रखण्ड के नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के क्षेत्रीय, प्रमंडल और अंचल कार्यालयों की साफ-सफाई की सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह ऐतिहासिक कदम राज्य सरकार, ग्रामीण विकास विभाग एवं बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के सहयोग से संभव हो सका है।
अब तक जिन कार्यालयों की सफाई निजी एजेंसियों के माध्यम से असंगठित ढंग से की जाती थी, वहां अब जीविका से जुड़ी महिलाएं नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित करेंगी। यह पहल न केवल सरकारी कार्यालयों की स्वच्छता में गुणात्मक सुधार लाएगी, बल्कि सैकड़ों जीविका दीदियों के लिए स्थायी स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता का रास्ता भी खोलेगी।
दरभंगा के विद्युत अंचल कार्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ डीपीएम डा० ऋचा गार्गी, गैर कृषि प्रबंधक अशोक रंजन व बीपीएम सिकंदर आजम ने संयुक्त रूप से जीविका दीदियों की गरिमामयी उपस्थिति में शुभारंभ किया ।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा, “यह केवल स्वच्छता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं को गरिमापूर्ण आजीविका देने की दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम है। इससे कार्यालयों की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और दीदियों को स्थायी रोजगार का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व से ही जीविका दीदीयां डीएमसीएच व बेनीपुर अनुमंडल हस्पताल में दीदी की रसोई व साफ सफाई का काम बेहतर ढंग से कर रही हैं अब प्रखण्ड कार्यालयों में जीविका दीदियों की प्रतिनियुक्ति से न केवल परिसर स्वच्छ रहेगा, बल्कि कर्मचारियों और आम नागरिकों को एक सकारात्मक कार्य परिवेश भी मिलेगा। साथ ही, कार्यालयों में आने-जाने वाले आम नागरिकों पर भी स्वच्छता का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गंदगी से होने वाली बीमारियों और संक्रमण के खतरे भी कम होंगे।
गैर कृषि प्रबंधक अशोक रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जीविका सामुदायिक संगठनों को प्रति दिन 80 पैसे प्रति वर्गमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा। कार्यालय के बाहरी परिसरों की समुचित सफाई के लिए ₹12,000 प्रति माह की एकमुश्त राशि तय की गई है। इसके अतिरिक्त, साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्रियों की खरीद हेतु हर कार्यालय को ₹3,000 प्रति माह दिए जाएंगे।
वर्तमान में जिले के 6 प्रखंड-सह-अंचल कार्यालयों कुशेश्वर स्थान पूर्वी, किरतपुर, सदर, बिरौल, बहादुरपुर व बहेरी प्रखण्ड में यह सेवा लागू की गयी है वहीं जल्द ही सभी प्रखंडों में शुरू किया जाएगा । इससे सीधे तौर पर जिले की 80 से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार मिलेगा, जिनकी मासिक आय 6000 से 12000 के बीच होगी। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कार्यक्रम में भाग लेने वाली दीदियों ने इस पहल को ‘सम्मानजनक जिम्मेदारी’ करार देते हुए कहा कि यह उनके जीवन में एक नया अध्याय है। अब वे केवल अपने घर की सफाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकारी संस्थानों की स्वच्छता में भी उनकी सक्रिय भूमिका होगी। कई दीदियों ने कहा कि वे इस कार्य को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा के रूप में देखती हैं।
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