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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित और C-DAC, कोलकाता द्वारा विकसित “फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम ऑन 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीक” पर दो दिवसीय बूटकैम्प का सफल आयोजन किया गया।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित और C-DAC, कोलकाता द्वारा विकसित “फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम ऑन 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीक” पर दो दिवसीय बूटकैम्प का सफल आयोजन किया गया।

यह बूटकैम्प विशेष रूप से गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) मधुबनी के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम का पहला दिन 22 सितम्बर 2025 को GEC मधुबनी परिसर में हुआ, जबकि दूसरा दिन 23 सितम्बर 2025 को दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE), दरभंगा के अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लैब में संपन्न हुआ।

 

दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी का इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष योगदान रहा। उनकी दूरदर्शिता और सक्रिय सहयोग ने इस बूटकैम्प को एक व्यावहारिक और उपयोगी दिशा प्रदान की। यह दृष्टि विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाएगी।”

 

इस अवसर पर  सशांक सौरव, विभागाध्यक्ष, और  राहुल कुमार, सहायक प्राध्यापक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, ने संयुक्त रूप से छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का अध्ययन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका की सराहना करते हुए C-DAC कोलकाता और DCE दरभंगा का आभार व्यक्त किया तथा छात्रों से आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा दें।

 

C-DAC के प्रशिक्षकों – श्री आदर्श आनंद, श्री जयप्रकाश कुमार और सुश्री शारदा कुमारी – ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया। प्रशिक्षण में CAD आधारित 3D मॉडलिंग, डिज़ाइन पैरामीटर्स का अनुकूलन, स्लाइसिंग तकनीक, G-code जेनरेशन, प्रोटोटाइप निर्माण और प्रैक्टिकल 3D प्रिंटिंग की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। छात्राओं को वास्तविक प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हैंड्स-ऑन अनुभव प्राप्त हुआ।

 

कार्यक्रम के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन प्रतिभागियों को Certificates of Appreciation देकर सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों का उत्साह और भी बढ़ा।

 

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रो. प्रफुल चंद्र ने कहा:

“3D प्रिंटिंग केवल निर्माण तकनीक नहीं है, बल्कि यह भविष्य के उद्योगों की आधारशिला है। यह परियोजना, जो C-DAC कोलकाता द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत विकसित की गई है, छात्रों को उन्नत विनिर्माण तकनीकों से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बूटकैम्प युवाओं में नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में MeitY, C-DAC और DCE का एक संयुक्त एवं प्रभावशाली प्रयास है।”

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