• आस्था का महापर्व छठ भी मनाएँ, और लोकतंत्र का महापर्व में मतदान जरूर करें…
छठ घाटों पर गूँजा मतदान का संदेश, जीविका दीदियाँ बनीं लोकतंत्र की दूत
घर-घर जागरूकता, घाट-घाट पर संदेश — छठ पर जीविका दीदियों की लोकतांत्रिक मुहिम
प्रवासी मतदाताओं से जीविका दीदियों की अपील — “घर लौटे हैं तो मतदान अवश्य करें”

लोकतंत्र के महापर्व बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के अवसर पर, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी कौशल कुमार के आदेश के आलोक में दरभंगा जिले में मतदाता जागरूकता अभियान पूरे उत्साह के साथ संचालित हो रहा है। इसी क्रम में छठ महापर्व के दौरान जीविका दीदियों ने जन-जागरूकता को एक नया रूप देते हुए एक विशेष पहल की है।
दरभंगा जिले के विभिन्न छठ घाटों पर इस वर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ-साथ लोकतंत्र की चेतना का भी अद्भुत संगम देखने को मिला। जीविका दरभंगा की दीदियाँ घाटों पर श्रद्धालुओं से संवाद कर मतदान के महत्व, मतदाता की भूमिका और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से निवेदन किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
विशेष रूप से छठ पर घर लौटे प्रवासी मतदाताओं से दीदियाँ आग्रह कर रही हैं कि वे इस बार मतदान अवश्य करें और अपने गाँव की आवाज़ को विधानसभा तक पहुँचाने में भागीदार बनें। दीदियों का प्रेरक संदेश है —
“लोकतंत्र का छठ मनाएँ, मतदान भी जरूर करें।”
डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा “जीविका दीदियाँ केवल आजीविका सशक्तिकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अब लोकतंत्र की सच्ची प्रहरी बन चुकी हैं। जिले के सभी प्रखंडों में दीदियाँ अपने सामुदायिक संगठनों के माध्यम से मतदान के महत्व पर गीत, नाटक, चौपाल, रंगोली और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। उनका उद्देश्य है कि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे।”
उन्होंने आगे कहा कि इस बार छठ जैसे जनसमूह वाले अवसर को भी जीविका दीदियाँ लोकतांत्रिक जनजागरूकता मंच में बदल रही हैं। घाटों पर दीदियों की उपस्थिति श्रद्धालुओं को न केवल प्रेरित कर रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि धर्म और लोकतंत्र दोनों समाज को जोड़ने वाले उत्सव हैं।
संचार प्रबंधक राजा सागर ने बताया कि जिले में जीविका दीदियों की ओर से मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला लगातार जारी है।
“सुबह की प्रभात फेरी से लेकर संध्या चौपाल तक दीदियाँ गाँव-गाँव में सक्रिय हैं। कहीं रंगोली के माध्यम से मतदान संदेश उकेरे जा रहे हैं, तो कहीं मेहँदी पर ‘पहले मतदान, फिर जलपान’ जैसे प्रेरक नारे लिखे जा रहे हैं। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और कैंडल मार्च के जरिये भी जन-जागरूकता को गति दी जा रही है।”
उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान से महिलाओं, युवाओं और प्रथम मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। जीविका दीदियाँ गाँवों में सामुदायिक स्तर पर मतदान दिवस के लिए “घर-घर संपर्क अभियान” चला रही हैं ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए।
इस पहल का उद्देश्य केवल मतदान प्रतिशत बढ़ाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करना और समाज के हर वर्ग को उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।
छठ जैसे लोकआस्था के पर्व पर जीविका दीदियों की इस अनोखी पहल से दरभंगा जिले में आस्था और लोकतंत्र का सुंदर संगम देखने को मिला।
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