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• सात सुरों से सजी महफिल में देर रात तक आनंद का गोता लगाते रहे श्रोता… 

• सात सुरों से सजी महफिल में देर रात तक आनंद का गोता लगाते रहे श्रोता…

विद्यापति सेवा संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व का 53वां समारोह सोमवार की देर रात संपन्न हुआ। मैथिली मंच के स्थापित कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लगातार श्रोताओं को बांधे रखा। इस दौरान ना श्रोता और ना ही कलाकार ही कभी थकते नजर आए। डा ममता ठाकुर के गाये मंगलाचरण, केदारनाथ कुमर के गाये गणेश वंदना एवं अनुपमा मिश्र के गाये स्वागत गीत से शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के गायकी की पारी की शुरुआत मैथिली मंच की सुपरिचित गायिका रंजना झा एवं नवोदित बाल कलाकार सिद्धि शक्ति ने विद्यापति गीत के गायन से बखूबी किया। पारंपरिक लोक धुन पर जैसे ही उन्होंने विद्यापति के गीत पर अपनी स्वर लहरी छेड़ी पूरा का पूरा दर्शक दीर्घा भाव विभोर हो गया।

माधव राय एवं रामसेवक ठाकुर की युगलबंदी में पारंपारिकता की चासनी में डुबोए प्रेम, शृंगार व विरह के भावों ने जहां दर्शकों को आत्म विभोर किया। वहीं मैथिल युवा दिलों की धड़कन जुली झा, रामबाबू झा, विकास झा, ऋषभ भारद्वाज, केदारनाथ कुमर एवं दीपक कुमार झा आदि द्वारा प्रस्तुत गंभीर किंतु लहकदार गीतों ने दर्शकों की तालियां बटोरने में कामयाबी हासिल की।

फरमाइशी गीतों के अंतिम चरण में माधव राय, जुली झा, विकास झा, केदारनाथ कुमर एवं दीपक कुमार झा की गायकी का जादू एक बार फिर से दर्शकों के सिर चढ़कर बोला और वे अंत तक डटे रहे। जुली के गाये सोहर एवं भावुक करने वाले समदाउन के बाद पराती धुन में गोसाउनि गीत जय जय भैरवि की सामूहिक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम स्थगन की घोषणा की गई।

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*संगत कलाकारों ने भी खूब जमाया रंग*

 

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गायकों के साथ साथ संगत कलाकारों ने भी अपनी उंगली के जादू का जमकर जलवा बिखेरा। तबला पर कौशिक मल्लिक, सुधीर कुमार मिश्र, हीरा कुमार झा ने अपनी प्रतिभा का जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, नाल पर गोपाल झा ने अपनी उंगली का जादू खूब दिखाया। कैसियो पर पप्पू मिश्रा दर्शकों के विशेष आकर्षण का केंद्र अंत तक बने रहे। जबकि बैंजो पर शिवकुमार एक बार फिर से दर्शकों का मन मोहने में कामयाब रहे। पैड पर केशव एवं अभिजीत की प्रस्तुतियों की लोगों ने खूब सराहना की।

 

*कवि सम्मेलन में खूब बही भाव सरिता*

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मिथिला विभूति पर्व के 53वें वार्षिक समारोह में संध्या पहर आयोजित भव्य मैथिली कवि सम्मेलन में उपस्थित श्रोताओं ने भाव सरिता में खूब गोते लगाये। मैथिली मंच के शीर्षस्थ कवि एवं गीतकार डा चन्द्रमणि झा की अध्यक्षता में आयोजित कवि सम्मेलन का संचालन रमेश झा ने किया। कवि सम्मेलन की खासियत रही कि अधिकतर कवियों ने गायन शैली में अपनी रचनाओं सस्वर पाठ किया। इस पर श्रोता खूब झूमे। रमेश झा एवं प्रवीण कुमार झा के संयुक्त संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन में हरिश्चंद्र हरित, अजित आजाद, सतीश साजन, कमलेश प्रेमेंद्र,आनंद मोहन झा, फूलचंद्र झा प्रवीण, मणिकांत झा, मालती झा, डा.सत्येन्द्र कुमार झा, रामसेवक ठाकुर, बंशीधर मिश्र, शंभुनाथ मिश्र, डा राजकिशोर झा आदि कवियों ने अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की।

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