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 दरभंगा जिला के 152वाँ स्थापना दिवस के अवसर पर दरभंगा ऑडिटोरियम, लहेरियासराय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन,दरभंगा द्वारा किया गया।  

 

• जिला स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन…

 

 

दरभंगा जिला के 152वाँ स्थापना दिवस के अवसर पर दरभंगा ऑडिटोरियम, लहेरियासराय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन,दरभंगा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन  मंत्री,समाज कल्याण विभाग,बिहार सरकार  मदन सहनी .विधायक नगर सह प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी  संजय सरावगी,  राज्यसभा सांसद  धर्मशिला गुप्ता, जिलाधिकारी दरभंगा  कौशल कुमार के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी  कौशल कुमार द्वारा सभी  को पाग,चादर एवं पौधा प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उप विकास आयुक्त  स्वप्निल द्वारा जिलाधिकारी  कौशल कुमार को पाग चादर एवं पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया ।

• इस अवसर पर दरभंगा जिला के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, विरासत को समेटे तथा विकास योजनाओं का समेकित प्रतिवेदन से आच्छादित स्मारिका का लोकार्पण  मंत्री  एवं उपस्थित  विधायक गण, जिलाधिकारी,उप विकास आयुक्त,अपर समाहर्ता,अनुमंडल पदाधिकारी सदर के कर कमलों से किया गया ।

स्थापना दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी माननीय जन प्रतिनिधियों का स्वागत करता हूँ।

यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि नववर्ष 2026 के साथ दरभंगा जिला का 152वां स्थापना दिवस समारोह 31 दिसम्बर, 2025 एवं 01 जनवरी, 2026 को मनाया जा रहा है।

• इस अवसर पर दरभंगा जिला के सभी निवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ अशेष मंगलकामना।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के अंतर्गत आरम्भ में दरभंगा तिरहुत का प्रमुख हिस्सा था। वर्तमान दरभंगा जिला 01 जनवरी, 1875 ई० को अस्तित्व में आया। उस समय समस्तीपुर एवं मधुबनी भी दरभंगा के अंतर्गत ही था। वर्ष 1972 में बिहार राज्य में जिलों के पुनर्गठन के क्रम में तत्कालीन समस्तीपुर एवं मधुबनी अनुमंडल को स्वतंत्र जिला के रूप में स्थापित किया गया।

• दरभंगा जिला “मिथिला” का सिरमौर रहा है। यहाँ की भाषा “मैथिली” काफी मधुर है और यह बिहार सूबे की अकेली भाषा है जिसे भारतीय संविधान के अष्टम अनुसूची में स्थान प्राप्त है। मैथिली भाषा एवं साहित्य इस क्षेत्र को पूरे देश में विशिष्ट परिचय देती रही है।

दरभंगा अपनी कला “मिथिला पेंटिंग” को लेकर भी देश-विदेश में अपनी खास पहचान को लेकर ख्यात रहा है। मिथिला की हृदय स्थली कहे जाने वाले दरभंगा को यह गौरव प्राप्त है कि यहाँ कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय अवस्थित हैं। दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल सूबे के प्राचीन मेडिकल संस्थानों में शुमार रहा है। इसके अलावा दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान,राजकीय पॉलीटेकनिक जैसे शैक्षणिक संस्थान यहां संचालित हैं। डाक प्रशिक्षण केन्द्र और राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र के अलावा मिथिला संस्कृत अध्ययन एवं शोध संस्थान दरभंगा की गरिमा को चार चाँद लगा रहा है।

दरभंगा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने हेतु यहाँ दो-दो संग्रहालय-चंद्रधारी संग्रहालय एवं महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय सक्रिय है। आम जनों के लिए महानगरों से जुड़ाव हेतु दरभंगा में हवाई सेवा की सुविधा भी उपलब्ध है। यह दरभंगा के राज परिसर एवं किला,रामेश्वरी श्यामा मंदिर, मनोकामना मंदिर, कंकाली मंदिर, होली रोजरी चर्च, हजरत मखदूम, भीखा शाह सैलानी का दरगाह, जामा मस्जिद, मकदूम बाबा का मजार, जाले प्रखण्ड अंतर्गत रामायण कालीन अहल्योद्धार स्थली अहिल्या स्थान, गौतमाश्रम, कुशेश्वर स्थान का महादेव मंदिर व पक्षी विहार आदि पर्यटकीय स्थलों के परिभ्रमण में बाहरी लोगों के लिए भी सहायक हो रहा है।

दरभंगा अत्याधुनिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है जिसमें एलिवेटेड रोड, फ्लाई ओवर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निर्माण के साथ-साथ मेट्रो का डीपीआर एवं हवाई अड्डे का अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों हेतु विकसित किया जा रहा है। पर्यटन की दृष्टि से भी दरभंगा जिले के हृदय स्थली में अवस्थित तीन पोखर- हड़ाही, दिघी, गंगा सागर को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है जिसमें बोटिंग,लेजर शो,सौंदर्याकरण का कार्य भी सम्मिलित है।

जिला प्रशासन अपने नागरिकों को उत्तम एवं पारदर्शी व न्यायप्रिय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। आम जनों की समस्याओं के निवारण के लिए नियमित रूप से “जनता दरबार” का आयोजन किया जा रहा है। राज्य की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए हम सभी कृत संकल्पित हैं और अहर्निश इसके लिए सक्रिय हैं।

जिला के 152 वा स्थापना दिवस पर जिला वासियों को एवं उपस्थित सभी पदाधिकारीगण एवं कलाकारों को हार्दिक बधाई देता  हैं। मंत्री, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार  मदन सहनी ने अपने सम्बोधन में कहा कि मिथिला के विकास में यहाँ के 152 वर्षों के इतिहास का भी योगदान है, यहाँ के अनेक विभूतियों ने हर क्षेत्र में अपना योगदान दिया है, जिसको हमें याद करने की जरूरत है। इसके विकास में यहाँ की जनता का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में सरकार ने चौमुखी विकास का काम किया है क्या है शिक्षा का क्षेत्र हो समाज कल्याण का क्षेत्र हो कृषि का क्षेत्र हो उद्योग का क्षेत्र हो रोजगार का सवाल हो सभी क्षेत्र में बिहार सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया और इस वर्ष भी जिला प्रशासन ने अच्छा काम किया है और हम दरभंगा जिला के 152वाँ स्थापना दिवस के अवसर जिला प्रशासन, दरभंगा को शुभकामना देते है और इससे बेहतर कार्य नववर्ष 2026 में हो।

उन्होंने  मुख्यमंत्री,बिहार  नीतीश कुमार द्वारा विकास के कार्य यथा सड़क,बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों से भी लोगों को अवगत कराया।

राज्यसभा सांसद  धर्मशीला गुप्ता ने अपने संबोधन में दरभंगा जिले की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जिला मिथिला की पहचान का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जिले के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचे ।

नगर विधायक-सह-प्रदेश अध्यक्ष  संजय सरावगी ने जिले में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दरभंगा तारामंडल, एम्स (AIIMS), दरभंगा एयरपोर्ट, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शहरी विकास से जुड़े कार्यों को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दरभंगा तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और आने वाले समय में यह जिला उत्तर बिहार का एक प्रमुख विकास केंद्र बनेगा।

जिले के 152वा स्थापना दिवस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में  राज्यसभा सांसद  धर्मशीला गुप्ता, माननीय नगर विधायक-सह-प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी  संजय सरावगी तथा केवटी के  विधायक  मुरारी मोहन झा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम में जिले के गौरवशाली इतिहास,वर्तमान उपलब्धियों तथा भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

केवटी के  विधायक  मुरारी मोहन झा ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार सृजन योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के प्रत्येक वर्ग को लाभ मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की नई तस्वीर उभर रही है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जिलेवासियों से विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया तथा जिले के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में  जिला परिषद अध्यक्ष  सीता देवी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, अपर समाहर्ता अपडा सलीम अख्तर एवं जिला प्रिया पदाधिकारी गण तथा  कमलाकांत झा,जीतेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री  के कर कमलों से दिव्यांगजनों को मोटर चालित ट्राई साइकिल तथा कंबल प्रदान किया गया।

मंत्री  द्वारा स्थापना दिवस के अवसर पर लगाए गए स्टॉल का भी निरीक्षण किया गया।

इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दर्शकों ने तालिया की गड़गड़ाहट साथ स्वागत किये। खबर लिखने तक सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहा।

इस अवसर पर खेल कूद प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को  मंत्री समाज कल्याण, विधायक,  राज्यसभा सांसद, जिलाधिकारी द्वारा, पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

 

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