नही रहे अभियन्त्रण संघर्ष के हस्ताक्षर ई पाण्डेय:डा सुनील
ज़िन्दगी को जिंदादिली से जीते हैं ये एलान कर गया।
एक शख्स क्या गया अभियंता की दुनिया वीरान कर गया।।
मर कर भी जो कभी नहीं मरते हैं दिलों में ।
उन चंद मतवालों में मगर अपना नाम कर गया।।

बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ के पूर्व महासचिव एवं इण्डियन इन्जिनियर्स फेडरेशन पूर्व के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ के आजीवन सदस्य एवं जल संसाधन विभाग के सेवा निवृत्त अभियंता ई राधेश्याम पाण्डेय के असामयिक निधन पर उक्त पंक्तियों के माध्यम से गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें एक बहादुर, कर्मठ एवं ईमानदार अभियंता बताया जिनके द्वारा राज्य के विकास में किये गये योगदान को काल खण्ड हमेशा याद रखेगा। उनके निधन से अभियंता समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।ज्ञातव्य हो कि अभियन्त्रण संघर्ष के हस्ताक्षर ई पाण्डेय का निधन 75 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने के कारण उनके पटना स्थित आवास पर हुआ।वे अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां एवं दो बेटे छोड़ गए हैं। दृढ़ संकल्पित, ईमानदार एवं अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित ई पाण्डेय को सहायक अभियंता के पद पर रहते हुए इमरजेंसी के दौरान मीसा एक्ट के तहत जेल की हवा खानी पड़ी। उनकी ईमानदारी एवं सरकार के दमनकारी नीतियों के विरुद्ध उनके संघर्ष के बारे में जस्टिस शाह ने शाह कमीशन रिपोर्ट में विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होने सरकार की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध लड़ाई सड़क से न्यायालय तक लडी। उनके दृढ़ संकल्प, ईमानदारी,सत्य निष्ठा एवं मंजिल तक पहुंचने के लिए संघर्ष की पराकाष्ठा से प्रभावित होकर देश के मशहूर अधिवक्ता श्री प्रशांत भूषण ने उनके मुकदमा को बिना किसी फीस के लडा एवं उच्चतम न्यायालय में सरकार की दमनकारी नीति के विरुद्ध जीत का परचम लहराया। वे बिहार के इकलौते अभियंता हैं जिन्हें जेपी सेनानी सम्मान से नवाजा गया।ऐसे महान अभियंता के असामयिक निधन पर शोकाकुल अभियंता समाज भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। बेसा के पूर्व महासचिव ई श्याम नंदन सिंह, पूर्व महासचिव ई अमरेन्द्र कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष ई अजय कुमार सिन्हा,ई परशुराम सिंह सहित सैकड़ों अभियंताओं ने उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal